होटलों के साफ बचे भोजन से भरा जायेगा जरूरतमंदों का पेट

होटलों के साफ बचे भोजन से भरा जायेगा जरूरतमंदों का पेट


हमीरपुर- उत्तर प्रदेश सरकार होटलों, रेस्टोरेंट और पार्टी हाॅलों मे बने ज्यादा खाने को यूं ही बरबाद होने से बचाने और इसका इस्तेमाल जरूरतमंदों के लिए करने को " सेव फूूड, शेयर फूड, शेयर जाॅय नामक योजना शुरू करने जा रही है।

यहां खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी बीके शर्मा ने रविवार को यूनीवार्ता से बातचीत में बताया कि प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट व हाईप्रोफाइल पार्टियोंं में बनने वाला ज्यादा खाना यूं ही बरबाद हो जाता है मगर उसी क्षेत्र में ऐसे तमाम लोग होते है जिनको दिनभर में भरपेट भोजन नही मिलता है। ऐसे लोगों की खाने की जरूरत को पूरा करने और खाने की बरबादी रोकने के लिए इस योजना के लागू होने का शासनादेश शनिवार को जारी कर दिया गया है। इस योजना की रुप रेखा भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा तैयार की गयी है।इसकी व्यवस्था आन लाइन तैयार की गयी है।जिसमें डोनर, पार्टनर, वालेन्टियर व बेनीफीशियरी की श्रेणिया बनायी गयी है। चारो श्रेणियो को अलग अलग तरीके से प्रबंध किया जायेगा।

श्री शर्मा ने बताया कि इस योजना को संचालित करने के लिये सामाजिक संगठनो की पूरी तरह मदद ली जायेगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रो में अधिक कारगार होगी, शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक भोजन की बरबादी की जाती है इसलिये प्रत्येक पार्टी के दावतो में पहले ही जाकर लोगो से सम्पर्क कर इसके लिये प्रबंध करना होगा और संबंधित

क्षेत्र में कौन सा गरीब परिवार है कितने लोगो को भोजन की आवश्यकता है उसे चिंहित किया जायेगा। होटलो, रेस्टोरेंट गेस्ट हाउस के संचालको से सम्पर्क कर उन्हे इस योजना से अवगत कराया जायेगा। इससे नालियो में बहने

वाला कीमती भोजन को बचाया जा सके। शासन ने कहा है कि इस मामले की रिपोर्ट हर माह शासन को भेजनी होगी। ताकि योजना को धरातल में पूरी तरह उतारा जा सके।

पिछले दिनो एक सर्वे में प्रदेश में होटलो रेस्टोरेंट व पार्टियो में रोजाना बड़ी मात्रा में भोजन यूं ही बरबाद होने का मामला उजागर हुआ था तब से प्रदेश और केंद्र सरकार इस मामले में लगातार अध्ययन कर रही है। इसके बाद इस योजना को लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के अपर आयुक्त प्रशासन राहुल सिंह ने कहा है कि समाजिक संगठनों से मिलकर इस योजना के लिये प्रोत्साहित किया जाये।

हमीरपुर जिले में एक साल पहले रिदम एकाडमी द्वारा रोटी बैंक योजना संचालित थी मगर वह एक साल बंद हो गयी थी जिससे गरीबो को अब भोजन मिलना भी बंद हो गया है। गरीबों को भोजन की समस्या सबसे ज्यादा बुन्देलखंड में बतायी जाती है यही नही एक सर्वें में यह साफ हो गया है कि बुन्देलखंड मे रोजाना भीख मागने वाले भिखारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है हालांकि जिले में शासन स्तर से भिक्षा निवारण समिति बनी है मगर वह आज तक सक्रिय नही हुयी है।

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