गुवाहाटी हाइकोर्ट के निर्णय से कानपुर आईआईटी के बर्खास्त छात्रों की बढ़ी उम्मीदें

गुवाहाटी हाइकोर्ट के निर्णय से कानपुर आईआईटी के बर्खास्त छात्रों की बढ़ी उम्मीदें


कानपुर। कानपुर आईआईटी ने बीते दिनों 136 छात्रों को इसलिए बर्खास्त कर दिया था कि उनका प्रदर्शन सीपीआई के मुताबिक नहीं था जिससे इन छात्रों की मुश्किलें बढ़ गयी थी, लेकिन अब गुवाहाटी हाइकोर्ट ने इसी तरह के मामले में एक छात्र को दोबारा पढ़ने की अनुमति दे दी है। जिससे अब इन छात्रों को आईआईटी में पढ़ने की उम्मीदें बढ़ गयी हैं। हालांकि आईआईटी के निदेशक ने कहा कि छात्रों की अपील पर सुनवाई हो रही है और अपील संतोषजनक पाये जाने पर बर्खास्त छात्र आगे की पढ़ाई जारी रख पाएंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में आरक्षण से प्रवेश पाने वाले 136 छात्रों को बीते दिनों इसलिए बर्खास्त कर दिया गया था कि उनका प्रदर्शन कमजोर था। इसके साथ ही सीपीआई भी अपेक्षित नहीं था। जिसके बाद सभी छात्रों ने सीनेट में अपील करते हुए अपने में सुधार करने का विश्वास दिलाया है। इसी बीच गुवाहाटी हाइकोर्ट ने आईआईटी गुवाहाटी से बर्खास्त छात्र अमित कुमार खोईवाल की अपील पर निर्णय दे दिया कि उसकी पढ़ाई को कुछ शर्तों के साथ नियमित रखा जाये। साथ ही आरक्षित-पिछड़े वर्ग के कमजोर विद्यार्थियों को सामान्य छात्रों के स्तर पर लाने के लिए उन पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। जिससे कानपुर से बर्खास्त छात्रों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं कि उन्हेंं भी दोबारा अवसर मिल जाएगा। फिलहाल संबंधित छात्रों के स्पष्टीकरण व आगे की संभावनाओं पर संबंधित विभागों के स्तर पर विचार किया जा रहा है। विभागों के सुझाव-प्रस्तावों पर आईआईटी की सीनेट की बैठक में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

आईआईटी प्रोफेसरों की माने तो अधिकांश छात्रों को फिलहाल राहत मिल सकती है। लेकिन आगे भी संबंधित छात्रों ने अपने परफारमेंस में अपेक्षित सुधार नहीं किया, तो उन्हें संस्थान में बनाये रखना मुश्किल हो सकता है।

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निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने सोमवार को बताया कि निर्धारित सीपीआई अंक न ला सकने वाले छात्रों में आगे सुधार की मंशा से ऐसे कदम उठाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित छात्रों के स्पष्टीकरण व अपील पर सुनवाई की जा रही है। मेरिट के आधार पर ज्यादातर छात्रों को एक मौका और देते हुए पुनः पढ़ाई जारी रखने का अवसर प्रदान किया जा सकता है।


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