हमीरपुर के निचले इलाकों के दर्जनों ग्रामों में मचा हाहाकार..बेतवा और यमुना नदियां उफनाईं, श्मशान भवन डूबा

हमीरपुर के निचले इलाकों के दर्जनों ग्रामों में मचा हाहाकार..बेतवा और यमुना नदियां उफनाईं, श्मशान भवन डूबा


हजारों एकड़ खेत जलमग्न, अधिकारियों ने लिया जायजा

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सोमवार को यहां बेतवा और यमुना नदियों के उफनाने से तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मच गया है। बेतवा नदी का तेजी से जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल जाने से प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। अपर जिलाधिकारी ने मौदहा बांध निर्माण खण्ड के अधिशासी अभियंता के साथ बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों का दौरा किया। बेतवा नदी 99.00 मीटर के ऊपर बह रही है| उधर, यमुना नदी का जलस्तर 97.00 मीटर पार कर गया है। यमुना नदी के तट पर बना श्मशान भवन बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया है।

मौदहा बांध निर्माण खण्ड के अधिशासी अभियंता एके निरंजन ने सोमवार को सुबह बताया कि माताटीला बांध से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे यहां बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। बेतवा नदी का जलस्तर 99.00 मीटर पार हो गया। यमुना का जलस्तर भी 97.00 मीटर कर गया है। दोनों नदियों में तेजी से जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के दर्जनों ग्रामों में हाहाकार मचा हुआ है। जिले के कुरारा क्षेत्र के कोतूपुर व पटिया गांव में यमुना नदी के उफनाने से कटान शुरू हो गयी है| इससे हजारों ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है। इधर हमीरपुर नगर से जुड़े मेरापुर व डिग्गी सहित कई इलाकों के पास भी बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों की चिंतायें बढ़ गई हैं। जिले की ज्यादातर मौरंग खदानें भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं| हजारों एकड़ खेत भी जलमग्न हो गए हैं। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों के पास फैल जाने की सूचना पाते ही मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने मौदहा बांध निर्माण खण्ड के अभियंताओं से दोनों नदियों के जलस्तर के बढ़ने की जानकारी ली| निचले इलाकों के लोगों को सतर्क कर दिया है। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि अभी बेतवा नदी का जलस्तर 99.00 मीटर से अधिक हो गया है लेकिन दोपहर तक यह नदी 100.00 मीटर पार कर सकती है। बाढ़ को देखते हुए निचली इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को एलर्ट किया जा रहा है। साथ ही नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। बेतवा और यमुना नदियों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाने से तटवर्ती इलाकों के ग्रामों में लोगों ने जागकर रात बिताई है। उनमें बाढ़ को लेकर दहशत देखी जा रही है। उधर जिले के सरीला क्षेत्र के चिकासी, भेड़ी और कुपरा सहित कई गांवों के नजदीक भी बाढ़ का पानी फैल गया है।


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