गोरखपुर प्राणी उद्यान पार्क में शेरो को लाने की इजाजत दी चुनाव आयोग ने

गोरखपुर प्राणी उद्यान पार्क में शेरो को लाने की इजाजत दी चुनाव आयोग ने



इटावा। निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में निर्माणाधीन अशफाफ उल्ला प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) के लिए इटावा सफारी पार्क में गुजरात से शेरों को लाने का रास्ता साफ हो गया है।

इटावा सफारी पार्क के निदेशक वी.के. सिंह ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने पर एक बार फिर जूनागढ़ (गुजरात) से शेरों को सफारी में लाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह शेरों को इटावा सफारी लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन शेरों को सड़क मार्ग से लाने की तैयारी है और इसके लिए एक टीम वहां जा रही है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के जूनागढ़ से पांच मादा और तीन नर शेरों को लाया जाना है और संभवत: अगले सप्ताह इन आठ शेरों को इटावा सफारी में लाया जाएगा। उत्तर प्रदेश और गुजरात सरकार में काफी पहले ही इस बात पर सहमति बन गई थी कि गुजरात से आठ शेर इटावा सफारी में भेजे जाएंगे । इनमें से कुछ शेरों को गोरखपुर में निर्माणाधीन चिड़ियाघर में भेजा जाएगा और बाकी के शेर इटावा सफारी में रहेंगे। इस संबंध में सफारी एवं वन विभाग के अधिकारियों ने गुजरात का दौरा कर लिया था। शेरों को चिन्हित भी कर लिया गया था।

श्री सिंह ने बताया कि नवरात्र के दिनों में शेरों को लाए जाने की योजना थी। इस बीच आदर्श आचार संहिता लग जाने के कारण इस काम को स्थगित कर दिया गया था। निर्वाचन आयोग ने गुजरात से इन शेरों को इटावा लाए जाने की मंजूरी के बाद अब उनके यहां लाने की तैयारी तेज हो गई है।

उन्होंने बताया कि जिन शेरों को जूनागढ़ से लाया जाएगा उनका चिकित्सीय परीक्षण भी करा लिया गया है। अन्य तैयारियां तेजी से चल रही हैं और तैयारियां पूरी होते ही उन्हें इटावा सफारी लाया जाएगा। इटावा सफारी में नए मेहमानों के रखने की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इनके लिए ब्रीडिंग सेंटर एवं क्वारेन टाइन हाउस में पर्याप्त जगह है, जहां इन्हें रखा जा सके। हालांकि इन शेरों को गोरखपुर में निर्माणाधीन चिड़ियाघर के लिए लाया जा रहा है, लेकिन वहां ले जाए जाने से पहले इन्हें इटावा सफारी में रखा जाएगा। ताकि ये नए माहौल में रच बस सकें। ऐसी संभावना है कि जो शेर गोरखपुर नहीं ले जाए जाएंगे, उन्हें इटावा सफारी में ही रोक लिया जाएगा। जिससे इटावा सफारी में शेरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

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