कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम से मौसम सुहाना, बाढ का खतरा बढा

कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम से मौसम सुहाना, बाढ का खतरा बढा

लखनऊ। दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से लगभग समूचे उत्तर प्रदेश में हो रही बरसात से मौसम सुहाना बना हुआ है हालांकि गंगा, शारदा और घाघरा नदियों के उफनाने से तटवर्ती इलाकों में बाढ का खतरा गहराने लगा है। मौसम विभाग के अगले 24 घंटे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी वर्षा के आसार व्यक्त किये है हालांकि गुरूवार को बारिश के मौजूदा दौर के थमने और अधिसंख्य क्षेत्रों में धूप खिलने का अनुमान है। पिछले 24 घंटे में इलाहाबाद और गोंडा में मूसलाधार वर्षा हुयी जबकि वाराणसी, गाजीपुर,बरेली,बलिया, शारदा नगर, मुरादाबाद और कानपुर समेत कई हिस्सों में जोरदार बारिश से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गयी। इस दौरान शहरी इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। लगातार बरसात के चलते निचले इलाकों में बसी आवासीय बस्तियों में पानी घर के भीतर प्रवेश कर गया जिससे लोगों को छतों शरण लेनी पडी। इस अवधि में हुये वर्षा जनित हादसों में कम से कम चार लोगों की मृत्यु हो गयी और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। मौसम विभाग के मुताबिक इलाहाबाद में 13.9 सेमी वर्षा रिकार्ड की गयी जबकि गोंडा में 16.3 सेमी,गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में सात सेमी, बलरामपुर में 6.8 सेमी,बरेली में 5.8 सेमी, मुरादाबाद में नौ सेमी, गाजीपुर में 3.5 सेमी, बाराबंकी में 6.1 सेमी, अयोध्या में 4.8 सेमी, वाराणसी में 3.2 सेमी, बलिया में 3.1 सेमी, रायबरेली में तीन सेमी, बिजनौर में 2.5 सेमी, पलियाकला मे 7.5 सेमी और शारदानगर में 10 सेमी बारिश हुयी। केन्द्रीय जल आयोग के सूत्रों ने बताया कि इलाहाबाद,मिर्जापुर,वाराणसी,गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी के जलस्तर में बढोत्तरी हो रही है। बिजनौर,मुरादाबाद और बरेली में रामगंगा बढाव पर है। सुल्तानपुर और जौनपुर में गोमती का पानी लगातार बढ रहा है जबकि पलियाकला और शारदानगर में शारदा नदी उफान पर है। बाराबंकी के एल्गिनब्रिज पर घाघरा चेतावनी ङ्क्षबदु के करीब बह रही है। अयोध्या और बलिया के तुर्तीपार में भी घाघरा का जलस्तर पीले निशान को छू गया है।
नेपाल के बनबसा से छोडे गये पानी और पहाडी नालों से हो रहे उत्प्रवाह के चलते बलरामपुर और गोंडा में राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। देवरिया के तीन तहसील क्षेत्रों में नदियों के बढ़ते जल स्तर से उसके किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। नदियों के किनारे रूद्रपुर, बरहज और भाटपाररानी के बाढ़ क्षेत्र में बसे लोग नदियों के बढ़ते जल स्तर से जीवन दहशत में गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। रूद्रपुर तहसील क्षेत्र में स्थित सात बन्धे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में गांव की सुरक्षा में जमे हुये हैं। नकईल-सेमरौना, महेन-केवटलिया, तिघरा-मराक्षी, पाण्डेय मांझा-जोगिया, पचलड़ी, तिघरा तटबन्ध और पलिया-छपरा बांध मरम्मत के अभाव में जीर्ण-शीर्ण की हालत में चल रहे हैं। इंन बन्धों पर रेन कट, रैट कट से जगह जगह सुराख दिख रहे हैं। इन कटान के कारण बन्धे पर लगा खड़ंजा उजड़े हुए हालत में हैं। इसी तरह से बरहज तहसील क्षेत्र के परसिया देवार के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों की सुरक्षा के लिये बना नरूल्लाहपुर बन्धा भी रख रखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण की हालत में है। रूद्रपुर क्षेत्र में राप्ती और गोर्रा नदी खतरे के निशान को छूने को बेताब है। यहां गोर्रा नदी बहोरादलपति पुर, नरायनपुर औराई और पाण्डेय मांझा में अपनी रौद्र रूप से कटान कर रही है। गोर्रा नदी के रूप को देखकर कटान वाले गांवों में दहशत का माहौल बनता जा रहा है। प्रतापगढ़ जिले में पिछले 36 घण्टो से हो रही लगातार वर्षा से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कुण्डा कोतवाली के चौसा गाँव में कच्चे मकान की दीवार गिरने से दबकर पति राघव राम विश्वकर्मा (45) व उनकी पत्नी गुडिय़ा देवी (40) गम्भीर रूप से घायल हो गये। रानीगंज थाने के कोलापुर नन्द पती गाँव में आज मयमुन्नीस, जिन्न तुल निशा ,व इस तियाक ,का कच्चा मकान गिर गया। बिहार ब्लाक के कोलई के पुरवा में कई लोग बेघर हो गए है ,धान के खेतो में पानी भर गया है जिससे फसल क्षतिग्रस्त हुयी है ।
भदोही जिले में बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। लगातार बारिश से कई कच्चे मकान जहां धाराशायी हो गए हैं वहीं बनवासी बस्ती भी पानी में डूबने की सूचना मिली है। मकान गिरने से एक महिला की मौत भी हो चुकी है। दुर्गागंज, समधा, सेऊ, अहिमनपुर, औराई में कई कच्चे मकान और छप्पर धाराशायी हो गए हैं। दुर्गागंज थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में जगवंती देवी (60 वर्षीय) महिला कच्चे मकान में खाना बना रही थी। तभी मकान गिर गया। जिसमें दबने से उसकी मृत्यु हो गयी। गाजीपुर के नंदगंज क्षेत्र में नन्दगंज बाजार में आज दोपहर एक मकान का बारजा गिरने से एक युवक की मौत हो गयी। पिपरही गांव निवासी चन्दन गुप्ता (28) नन्दगंज बाजार आया था। बरसात से बचने के लिए बाजार स्थित शहीद इंटर कालेज के सामने तेजबहादुर सिंह के मकान के नीचे खड़ा हो गया। इस बीच मकान का बाजरा अचानक भरभराकर गिर गया। जिससे चंदन की दबकर मृत्यु हो गयी। जौनपुर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जहां आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं जगह-जगह पुराने व जर्जर मकान, चहारदीवारी आदि भी गिरना शुरू कर दिये हैं, साथ ही बीती रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ सड़क पर गिर गये हैं। ऐसे में जौनपुर से बदलापुर सहित अन्य सम्पर्क मार्ग कई घण्टों तक बाधित नजर आया। कुल मिलाकर अब यह बारिश आमजनों के लिये खतरे का कारण बनता जा रही है। गोण्डा से मिली रिपोर्ट के अनुसार बारिश के कारण गोण्डा-लखनऊ राजमार्ग पर गोनवा गांव के पास बनी पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने की वजह से वाहनों के दूसरे रास्ते से भेजा जा गया है । पुलिस ने गोण्डा से लखनऊ की ओर जाने वाले यातायात को करनैलगंज से परसपुर और बेलसर होकर गोण्डा जाने के लिये मार्ग परिवर्तित किया गया है जबकि बलरामपुर, उतरौला, धानेपुर इटियाथोक ,मनकापुर की तरफ से आने वाले वाहन गोण्डा से बेलसर और परसपुर -करनैलगंज होकर लखनऊ की तरफ रवाना हो रहे हैं। पुलिया की मरम्मत का काम जारी है।

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