बुलंदशहर स्याना गोकशी हिंसा मामले के 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

बुलंदशहर स्याना गोकशी हिंसा मामले के 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज


बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में बुलन्दशह के जिले के मुख्य न्यायिक मस्ट्रिेट (सीजेएम)अवधेश पांडेय ने स्याना हिंसा मामले के 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

गौरतलब है कि पिछले साल तीन दिसम्बर को स्याना कोतवाली क्षेत्र में चिंगरावठी गांव के पास गोकशी की घटना को लेकर हुई हिंसा में स्याना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और एक युवक सुमित की हत्या कर दी गई थी। बलवाईयों ने चिंगरावठी पुलिस चौकी फूंक दी जिसमें कई वाहन जल गये थे। इस घटना के सिलसिले में पुलिस उपनिरीक्षक की तहरीर पर स्याना कोतवाली में हत्या, आगजनी, बलवा, दंगा, पथराव सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में 27 लोगों को नामजद एवं 50-60 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

नामजद आरोपियों में बजरंगदल के जिला संयोजक योगेश राज, विशव हिन्दू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष उपेन्द्र राघव आदि प्रमुख थे। इस मामले में अब तक 40 आरोपी जेल जा चुके हैं। इनमें से सचिन कोबरा, योगेश राज, मोहित, कुलदीप, पवन, हरेन्द्र, सचिन, रोहित राघव, मुकेश, उपेन्द्र राघव सहित 11 आरोपियों ने सीजेएम अवधेश पांडेय के न्यायालय में दी थी। बुधवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश श्री पाण्डे ने सभी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। दूसरी ओर जेल में बंद आरोपी जीतू फोजी के वकील संजय शर्मा की अर्जी को स्वीकार करते हुए सीजेएम ने जिला कारागार अधीक्षक को निर्देश दिये हैं कि हिंसा के आरोप में जिला कारागार में बंद जीतू फोजी को पेशी के दौरान हथकड़ी लगाकर न्यायालय में नहीं लाया जाये।

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