झांसी: प्लेटफार्म पर चार बैग से अवैध 72 लाख बरामद, चार लोग हिरासत में पकड़ी गयी रकम

झांसी: प्लेटफार्म पर चार बैग से अवैध 72 लाख बरामद, चार लोग हिरासत में पकड़ी गयी रकम

दिल्ली ले जायी जा रही थी, सर्राफा व्यापारी की है रकम

झांसी। रेलवे स्टेशन पर देर रात उस समय हड़कम्प मच गया, जब जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने प्लेटफार्म नम्बर पांच से चार व्यक्तियों को लाखों की नगदी समेत दबोच लिया।

पकड़ी गई रकम झांसी से दिल्ली पहुंचाई जा रही थी और उस रकम से ज्वैलरी खरीदी जानी थी, हालांकि पकड़े गए लोग इसके बारे में स्पष्ट साक्ष्य नहीं दे पाए। पकड़ी गई रकम हवाला की बताई जा रही है।

शनिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे जीआरपी थाना के प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर प्लेटफार्म क्रमांक पांच पर चार व्यक्तियों को दबोच लिया। तलाशी लेने पर चारों व्यक्तियों के बैगों से कुल 72 लाख 46 हजार 400 रुपए बरामद हुए। (प्रत्येक व्यक्ति के पास अलग-अलग बैग में 18 लाख, 11 हजार, 600 रुपए) मिले। चारों व्यक्ति बरामद रुपयों के बारे में कोई कागजात नहीं दिखा सके। उनका कहना था कि जो रुपये उनसे मिले हैं। वह झांसी के प्रमुख सर्राफा व्यापारियों के हैं। इन रुपयों को वे दिल्ली ले जा रहे हैं। वहां से इन रुपयों के बदले ज्वैलरी की खरीद-फरोख्त करते हैं।

पूछताछ करने पर चारों ने अपने नाम क्रमशः गणेश रायकवार पुत्र मूलचंद निवासी बड़ागांव गेट बाहर ढिमरियाना, ठाकुर दास प्रजापति पुत्र सोनी राम निवासी बंगलाघाट, रामाधार ढीमर पुत्र भगवान दास निवासी बड़ागांव गेट बाहर डढिया पुरा व अवधेश अग्रवाल पुत्र धनीराम अग्रवाल निवासी बड़ागांव गेट अंदर थाना क्षेत्र कोतवाली बताया। भारी मात्रा में अनाधिकृत और अवैध धन के बरामद होने पर प्रभारी निरीक्षक जीआरपी अजीत कुमार सिंह द्वारा उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गयी।

कई बार ले जा चुके हैं लाखों रुपये दिल्ली, मिलते हैं पांच हजार रुपये

मामले की सूचना पर रविवार की सुबह तड़के आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम भी थाने पहुंच गयी। टीम ने चारों व्यक्तियों से बरामद रुपयों के बारे में गहन पूछताछ भी की। चारों के बयान चौकाने वाले थे। पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि वे चारों कई बार आभूषण कारोबारी के अवैध लाखों रुपए झांसी से दिल्ली ले जा चुके हैं। उन्हें लाखों रुपये की खेप को दिल्ली पहुंचाने के एवज में प्रत्येक चक्कर के मेहनताने के रूप में चार से पांच हजार रुपए मिलते हैं।

पकड़ी रकम हवाला की तो नहीं?

सूत्रों की मानें तो पकड़े गए व्यक्ति साधारण परिवार के हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि इस राशि से ज्वैलरी खरीदी जाती है या नहीं। वह तो लाखों रुपये झांसी से लेकर दिल्ली में बताए गए पते पर पहुंचा देते हैं। उन्होंने लाखों की रकम की खेप को दिल्ली पहुंचाने की कुछ तिथियां भी आयकर अधिकारियों को बतायीं। पकड़ी गयी रकम को हवाला कस बताया जा रहा है। आयकर अधिकारियों द्वारा गहन जांच की जा रही है। इस पूरे मामले के पीछे एक बड़े सर्राफा कारोबारी जो पिछले दिनों भी काफी चर्चा में रहा है, उसका नाम नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


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