झांसी मे 20 नकल माफिया पर है एसटीएफ की नजर

झांसी मे 20 नकल माफिया पर है एसटीएफ की नजर

झांसी । उत्तर प्रदेश के झांसी में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में ठेके पर नकल कराने वाले करीब 20 नकल माफिया एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के रडार पर हैं।
झांसी को पहले से ही नकल माफिया का गढ माना जाता रहा है। जिले में सक्रिय इस गिरोह में सफेदपोश भी शामिल बताये जाते हैं। नकली उत्तर पुस्तिका छापने के मामले में गिरफ्तार प्रिंटिंग प्रेस मालिक के जरिए एसटीएफ को कई अहम सुराग मिले हैं। इस बार की परीक्षा में नकल माफियाओं ने बड़ी तैयारी की थी।
इस बार प्रशासन की सख्ती के चलते नकल माफिया के हौसले पस्त हैं। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया गया है ऐसे में नकल माफिया के लिए काम कर पाना लगभग असम्भव हो रहा है। बड़े पैमान पर नकली उत्तर पुस्तिका छापने के मामले की जांच भी एसटीएफ कर रही है। जांच में कई नकल माफिया बेनकाब हो सकते हैं।
एसटीएफ के मुताबिक झांसी में नकल कराने वालों बड़ा गिरोह सक्रिय है।कई लोगों के फोन नंबर ट्रेस हो गए हैं। इस में सफेदपोश लोगों का भी नाम सामने आ रहे हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल कराने के लिए 30 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का ठेका होता है।
इतना ही नहीं नकल के ठेकेदार पहले से ही प्रथम और द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास कराने का सौदा करते हैं।जितना दाम उतना काम के फार्मूले पर उनके लिए नकल की व्यवस्था कराई जाती है। छात्र भले ही पढ़ाई न किया हो लेकिन उसे प्रथम श्रेणी में पास कराने की जिम्मेदारी ले ली जाती है। ऐसे छात्रों से मोटी रकम लेकर उनकी कापियां बाहर लिखवाई जाती हैं और बाद में उसे उत्तर पुस्तिका के बंडल में शामिल कर लिया जाता है।

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