झांसी: प्रभारी मंत्री के सामने खुली अधिकारियों की पोल

झांसी: प्रभारी मंत्री के सामने खुली अधिकारियों की पोल

झांसी । उत्तर प्रदेश मे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लापरवाह अौर लचर रवैये से लोगों को हर दिन दो चार होना पड़ता है आज उसकी एक बानगी झांसी जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह "मोती सिंह" को भी देखने को मिली। प्रभारी मंत्री के आने की सूचाना के बाद भी कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपनी अपनी सीटों से गायब मिले , जिस पर इन सभी का एक दिन का वेतन काटे जाने का आदेश मंत्री ने दिया।
प्रभारी मंत्री की आने की सूचना के बाद भी अधिकारी/कर्मचारी वक्त से अपने कार्यालय नहीं पहुंचे जिससे साफ होता है कि अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह से बेलगाम हो चुके है। ऐसे में ये जानना भी आसान है कि ये अधिकारी व कर्मचारी आम जनता के हित में कितना काम करते होंगे।
प्रभारी मंत्री मोती सुबह साढे नौ बजे जब संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय पहुंचे,यहां आरएमओ तो मिले लेकिन आरएफसी और उनके सहयोगी कर्मचारी अनुपस्थित मिलें। इसके बाद उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। करीब पौने दस बजे छह कर्मचारी अनुपस्थित मिले जिसमें जितेन्द्र सिंह भी अनुपस्थित मिलें। प्रभारी मंत्री का काफिला जब खनिज विभाग पहुंचा तो वहां सिर्फ मुकेश मिश्रा मिले जबकि चार सहयोगी कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
अधिकारी / कर्मचारियों का अनुपस्थित होना महज इत्तफाक नहीं है। आम तौर पर सभी कार्यालय सुबह के समय खाली ही रहते है। फील्ड विजिट के नाम पर अपने आला अफसरों को गुमराह करते हुए कर्मचारी पूरी तरह से बेलगाम हो चुके है। जब बारीकी से जांच की गई तब सामने आया कि बीती 28 अप्रैल को वेदप्रकाश शुक्ला और शिवपूजन अनुपस्थित रह चुके है। इस दौरान प्रभारी मंत्री को भ्रमण पुस्तिका नहीं मिलीं। जिससे साफ होता है कि कार्यवाही के नाम पर आला अधिकारियों को गुमराह करने के बाद कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू है।

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