उज्जवला योजना के तहत झांसी में गैस एजेंसी ने किया बडा घोटाला

उज्जवला योजना के तहत झांसी में गैस एजेंसी ने किया बडा घोटाला

झांसी । उत्तर प्रदेश में झांसी में एक गैस एजेंसी ने उज्जवला योजना के नाम पर बडा फर्जीवाडा किया जो प्रशासन के छापे में सामने आया है। छापे में 594 गैस सिलेंडर, उज्ज्वला योजना की कई पास बुक, गैस के चूल्हे और अन्य समाग्री जब्त की गयी है।
राजगढ में इस घोटाले को अंजाम देने वाली आन्या गैस एजेंसी का लाइसेंस दातार नगर परवई का है जबकि एजेंसी संचालक उसे राजगढ से चला रहा था। उपजिलाधिकारी अनुनय झा, जिला आपूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी और उप पुलिस अधीक्षक मुश्ताक की टीम ने पुलिस बल के साथ गैस एजेंसी पर कल छापा मारा। छापे में मिले साजो सामान का स्टॉक से मिलान करने पर सारी अनियमितताएं सामने आयीं।
एसडीएम ने आज यहां बताया कि छापे में उज्जवला योजना की कई पास बुक बरामद की गयीं हैं। एजेंसी को उस जगह चलाया जा रहा था जहां से मालिक के पास लाइसेंस था ही नहीं। उज्जवला योजना के तहत एजेंसी ने जो अनियमितताएं की हैं उसकी जांच के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया है।
उन्होने कहा कि राजगढ में अवैध गैस एजेंसी के संचालन की शिकायत मिली थी जिसके बाद मारे गये छापे में आवासीय क्षेत्र में गैस गोदाम चलता पाया गया। जांच मे पाया गया कि एजेंसी का लाइसेंस परवई का है और इसका मालिक ब्रजमोहर शिवहरे है। एजेंसी पर उज्जवला योजना में धांधली का आरोप है जिसकी जांच की जा रही है।
जांच में कई घरेलू गैस सिलेंडरों मेंं गैस कम पायी गयी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर होम डिलीवरी देने के साथ कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आयी। किसी गैस एजेंसी को 15 किलोमीटर के दायरे से अधिक दूरी तक कारोबार की इजाजत नहीं होती लेकिन आन्य गैस एजेंसी लाइसेंस स्थल से दूर राजगढ में बीच बस्ती में गोदाम खोलकर गैस वितरण का कारोबार कर रही थी।
गैस एजेंसी पर आरोप है कि उसने उज्जवला योजना के तहत गरीबों को पैसे लेकर गैस सिलेंडर बांटे लेकिन कागाजात में इसे शून्य दिखाया। कुछ उपभोक्ताओं से अधिक धनराशि भी ली गयी। गैस एजेंसी के खिलाफ प्रेम नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।

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