बिजनौर: पेड़ से लटका मिला अज्ञात युवक का शव, कांवड़ियों ने लगाया जाम


बिजनौर। बाग में पेड़ से एक युवक का शव लटका मिला। शव भगवा अंगोछे से लटका हुआ था। पुलिस आनन-फानन में शव को उतार कर ले गई। बस इस पर ही बवाल हो गया। इसी बीच अफवाह फैल गई कि शव किसी कांवड़िये का है। गुस्साए कांवड़ियों ने जाम लगा दिया। जाम लगने से पुलिस-प्रशासन के हांथपांव फूल गए। कांवड़ियों को समझाने के काफी प्रयास किए गए। आईजी मुरादाबाद ने खुद मौके पर पहुंचकर नाराज लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिनकई किमी लंबा जाम लगा हुआ था।

सूचना मिली कि नहटौर में कोतवाली देहात मार्ग पर स्थित जाफरान होटल के पीछे बाग में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ है। इस पर सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस शव को आननफानन में पेड़ से उतार कर ले गई। शव के गले में गेरूआ गमछा बंधा हुआ था। जिसकी जानकारी मिलने पर कांवड़ यात्रा में व्यवधान उत्पन्न हो गया। श्रद्धालुओं ने शव को किसी कांवड़िये का बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

इसी दौरान वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कोई बात कह दी। जिस पर बात बिगड़ गई। कांवड़ियों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। उन्होंने शिनाख्त के लिए शव को मौके पर लाने की बात कही। पुलिस के शव को मौके पर नहीं लाने पर कांवड़ियों ने नहटौर के हल्दौर चौराहे पर जाम लगा दिया। हल्दौर चौराहे पर स्थित पुलिस चौकी व पुलिस सहायता केंद्र में भी तोड़फोड़ की गई। मामला बढ़ता देख जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुरादाबाद आईजी रमित शर्मा भी नहटौर पहुंचे। अफसरों ने कांवड़ियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। आईजी समेत तमाम अधिकारी मामले का हल निकालने का प्रयास कर रहे हैं। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

गुरूआ गमछे से लटका था शव

शव अब्दुल समद के आम के बाग से बरामद हुआ। शव के गले में गेरूआ गमछा बंधा हुआ था, जिसका एक छोर पेड़ में बंधा था। मृतक के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं मिला। उसके शव के पास पानी की केन रखी हुई थी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि किसी ने उक्त व्यक्ति की हत्या कर उसके गले में गमछा डालकर उसे पेड़ से लटकाते हुए आत्म हत्या दर्शाने का प्रयास किया है।

बिजनौर जिले में अफवाहों का दौर

नहटौर में जारी जाम के बीच पूरे जनपद में सोशल मीडिया पर कांवड़िये की हत्या करने की अफवाह फैल गई। जिस पर लोग पूरी जानकारी लेने के लिए उत्सुक नजर आए। नहटौर में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। शहर की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गई।

नहीं हो सकी शिनाख्त

मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। ऐसे में उसका कांवड़िया होने की पुष्टि नहीं की जा सकती है। गले में गेरूआ गमछा होने और शव के पास जल की केन बरामद होने के आधार पर ही उसको कांवड़िया माना जा रहा है।


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