बदायूं के सीएमओ निलंबित, हटायी गयीं कानपुर की सीएमएस

बदायूं के सीएमओ निलंबित, हटायी गयीं कानपुर की सीएमएस


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डा0 अनूप चंद्र पाण्डेय ने बदायूं के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को निलंबित कर दिया। उनपर संचारी रोगों के नियंत्रण में लापरवाही बरतने का आरोप है। इसके अलावा मुख्य सचिव ने कानपुर देहात की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को हटाने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर मुख्य सचिव डा0 पाण्डेय आज प्रदेश भर के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करके सरकार की योजनाओं का फीडबैक ले रहे थे। इस दौरान मिले फीडबैक के आधार पर सीएमओ बदायूं के निलंबन और कानपुर देहात की महिला सीएमएस के तबादले के निर्देश उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को दिए। इन दोनों पर ही संक्रामक रोगों के नियंत्रण में लापरवाही का आरोप है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में लक्षित 22 करोड़ वृक्षारोपण का कार्य 09 अगस्त को एक ही दिन में सम्पन्न कराया जाये। उन्होंने इसके लिए आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि एक दिन में ही लक्षित 22 करोड़ पौधों का रोपण कराये जाने हेतु अभी से पुख्ता तैयारियां कर ली जायें, जिससे लक्ष्य को पूर्ण करने में कोई बाधा न होने पाये। उन्होंने शासन द्वारा संचालित योजनाओं के कार्यान्वयन में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित जनपदों में संचारी रोगों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करा ली जायें।

डा0 पाण्डेय ने निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत ग्राम्य विकास विभाग द्वारा बनाये गये मकानों को प्रत्येक दशा में अगस्त माह में पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि जल शक्ति योजना के अन्तर्गत जल स्रोतों के सुदृढ़िकरण एवं जल संचयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा चिन्हित आकांक्षी जनपदों के लिये निर्धारित 49 मानकों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों को धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुये उसका डाटा सम्बन्धित विभाग को उपलब्ध करा दिया जाये।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत आवास निर्माण हेतु वांछित भूमि सम्बन्धित विभाग को यथाशीघ्र उपलब्ध करा दी जाये, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जिन जनपदों में प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर डाटा फीडिंग शेष है, उसे तत्काल फीड कराया जाये, जिससे प्रदेश की रैंकिंग प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि लम्बित भूमि विवादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार कार्यवाहियां सुनिश्चित करायी जायें। उन्होंने भूमाफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही में कोताही न बरती जाये।

मुख्य सचिव ने इस दौरान निराश्रित व बेसहारा पशुओं हेतु अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल के संचालन की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि संरक्षित गोवंश के लिये निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के युद्धस्तर पर कार्यवाही की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि बरसात के मौसम में पशुओं के टीकाकरण की समुचित व्यवस्था की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ व गाजीपुर जनपदों में निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं यथा-मिट्टी के उठान की अनुमति, अवरोध मुक्त भूमि उपलब्ध कराने, परिसम्पत्तियों को हटाये जाने, राजस्व एवं अन्य न्यायालयों में लम्बित वादों की प्रतिदिन सुनवाई कर उनको शीघ्र निर्णीत किये जाने के निर्देश दिये।

वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग में अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव पर्यटन सूचना एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव वन श्रीमती कल्पना अवस्थी, आवास आयुक्त अजय , सचिव नगर विकास अनुराग यादव सहित सम्बन्धित विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।


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