बागपत: शहीद स्मारकों की अनदेखी क्यों !

बागपत: शहीद स्मारकों की अनदेखी क्यों !

बागपत। शहीदों को याद करने के लिए जनपद में बने शहीद स्मारकों की अनदेखी की जा रही है। केवल साल के दो दिन ही उनको याद कर समाज कौन सी देखभक्ति जताना चाहता है, यह कहना भी शहीदों का अपमान होगा।
देश स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है और शहीदों को याद कर रहा है, जिनके बलिदान से यह आजादी के दिन हमको देखने के लिए मिले हैं। शहीदों की याद में शहीद स्मारक बनाये गये हैं ताकि आने वाली पीढ़ी उनकी शहादत को याद रख सके। देश पर बलिदान होने वाले स्वतंत्रा सेनानियों के शौर्य की कहानी से सीख ले सकें, लेकिन विडम्बना यह है कि हम साल के दो दिन 15 अगस्त ओर 26 जनवरी को ही उनको याद रखते हैं, जबकि साल के 363 दिन उनको याद नहीं किया जाता है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहीदों की याद में बनाये गये स्मारकों पर गंदगी पसरी रहती है। इन स्मारकों का सौंदर्यीकरण तो दूर उनकी देखभाल तक नहीं की जाती है। बागपत जनपद के राष्ट्रवंदना चौक पर सफाई करते कर्मचारी केवल साल के दो ही दिन यहां पर आते है। इसके बाद यहां कोई नहीं आता। राजनेता कभी-कभी पुष्प अर्पित करने के लिए जरूर आते हैं, लेकिन सफाई करने के लिए कोई नहीं आता।
यही हाल कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद शहीद स्मारक का है। यहां भी स्वाधीनता दिवस से एक दिन पूर्व सफाई की जा रही थी। इसके बाद यहां भी देखने वाला कोई नहीं होगा। इसके बारे में जिलाधिकारी ने शहीद स्मारकों की अनदेखी की बात को स्वीकार किया और इसके लिए नगर पलिकाओं को जिम्मेदार ठहराया।

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