प्रयागराज में जुटेंगे 50 पंथ और सम्प्रदायों के संत, भरेंगे राम मंदिर के लिए हुंकार

प्रयागराज में जुटेंगे 50 पंथ और सम्प्रदायों के संत, भरेंगे राम मंदिर के लिए हुंकार


कुम्भनगरी(प्रयागराज)। कुम्भ नगरी प्रयागराज में 30 जनवरी को देशभर के 50 मत-मंतातरों के संत कुम्भ नगरी के परेड क्षेत्र के गंगा पण्डाल में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हुंकार भरेंगे। सर्वसमावेशी संस्कृति कुम्भ के आयोजकों की ओर से देश के 50 पंथ और सम्प्रदायों के साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है।

इस कुम्भ में उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम के सभी प्रमुख धर्माचार्य एक मंच से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए केन्द्र सरकार पर अध्यादेश लाने या कोई न कोई रास्ता निकालने के लिए दबाव बनायेंगे।

सूत्रों की मानें तो केन्द्र सरकार की बेरुखी को देखते हुये इस मंच से संत अयोध्या कूच करने की ति​थि भी घोषित कर सकते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की उदासीनता तथा फैसले की तारीख बढ़ाये जाने से भी संत समाज आक्रोशित है।

सर्वसमावेशी संस्कृति आयोजन समिति के सदस्य डा.चन्द्र प्रकाश सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि इस कुम्भ में देश भर के 100 प्रमुख धर्माचार्यो समेत करीब तीन हजार संत हिस्सा लेंगे।

सर्वसमावेशी संस्कृति कुम्भ के ये संत बनेंगे गवाह

इस कुम्भ में शंकराचार्य पूज्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज, शंकराचार्य पूज्य स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती जी महाराज, शंकराचार्य बासुदेवानन्द सरस्वती, स्वामी गुरुशरणानन्द, विश्वेश तीर्थ स्वामी, सत्यमित्रानन्द जी, जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री राधासर्वेश्वरशरण देवाचार्य,जूना आखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश जोशी उपाख्य भैया, योग गुरु बाबा रामदेव,डा. प्रणवा पाड्या, स्वामी रामभद्राचार्य, जगद्गुरु रामनुजाचार्य, स्वामी परमानन्द, स्वामी नौना राम जी महाराज, स्वामी नृत्यगोपाल दास, स्वामी विश्वेश्वरानन्द, आचार्य अविचलदास, स्वामी गोविन्ददेव गिरि, स्वामी ज्ञानानन्द, स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि, स्वामी चिन्मयानन्द, स्वामी वियोगानन्द, स्वामी निर्मलानन्दनाथ महास्वामी, कथा वाचक मोरारी बापू, विजय कौशल महाराज, साध्वी ऋतम्भरा, स्वामी हिरम्यानन्दा जी, स्वामी चिंदानन्द पुरी समेत कई प्रमुख संत शामिल होंगे।

बताया कि वैचारिक कुम्भ कराने का उद्देश्य कुंभ से जुड़े वैज्ञानिक, धार्मिक और सामाजिक पहलुओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ें और कुछ नए विचार निकलकर भी सामने आ सकें। इस कुंभ को भव्य और सुन्दर बनाने की तैयारी जोरों पर है।

उल्लेखनीय है कि कुंभ से पहले राज्य सरकार यूपी के पांच शहरों में वैचारिक कुंभ का आयोजन की है, जिसमें से वाराणसी, मथुरा, अयोध्या लखनऊ चार वैचारिक कुंभ का आयोजन हो चुका है। प्रयागराज में आयोजित यह पांचवा वैचारिक कुंभ है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


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