अयोध्या में अधिग्रहित भूमि पर पूजा करने की मांग वाली याचिका खारिज, पांच लाख का हर्जाना

अयोध्या में अधिग्रहित भूमि पर पूजा करने की मांग वाली याचिका खारिज, पांच लाख का हर्जाना

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ ने अयोध्या स्थित विवादित स्थल के आस पास अधिग्रहित भूमि पर पूजा अर्चना की मांग वाली याचिका को पांच लाख रुपए के हर्जाने के साथ खारिज कर दिया है।

अदालत ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से यह याचिका दायर की गई है। न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए पहली सुनवाई पर ही याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा है कि हर्जाने की रकम याची द्वारा न जमा किये जाने पर इसकी वसूली याची से भू-राजस्व की तरह की जायेगी। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा और न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने पंडित अमरनाथ मिश्रा द्वारा दायर याचिका को गुरुवार को खारिज करते हुए यह आदेश दिये हैं। सुनवाई के समय केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता सूर्य भानु पांडेय और राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता प्रकाश सिंह उपस्थित हुए। याची की ओर से अधिवक्ता नलिनी जैन ने अदालत को बताया कि राम जनभूमि के $गैरविवादित स्थल जिसको सरकार ने अधिग्रहित कर लिया हैं उस पर बने सोलह मन्दिरो पर पूजा अर्चना की अनुमति याची को दी है। सुनवाई के समय कहा गया कि अयोध्या की राम जन्म भूमि के विवादित स्थल के आस पास 68 एकड़ जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली है लिहाजा इस भूमि पर पूजा अर्चना करने एवं करवाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह भी कहा गया कि मामला अभी उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। सुनवाई के समय अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्रकार की याचिकाएँ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए की जाती हैं। अदालत ने सुनवाई के बाद पांच लाख हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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