कानपुर के समीप हुआ हादसा....पूर्वा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 67 घायल

कानपुर के समीप हुआ हादसा....पूर्वा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 67 घायल

कानपुर। उत्तर प्रदेश में दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर कानपुर के रूमा क्षेेत्र में शनिवार को हावड़ा से नई दिल्ली जा रही 123०3 पूर्वा एक्सप्रेस के बेपटरी होने के कारण कम से कम 67 यात्री घायल हो गये, जिनमें 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्त ने बताया कि कानपुर सेंट्रल स्टेशन से करीब 15 किलोमीटर पहले रात लगभग ००54 बजे यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन तेज धमाके के साथ दो हिस्सों में बंट गयी और एक एक कर ट्रेन की 12 बोगियां पटरी से उतर गयी। इनमें से कुछ बोगियां पलट गयी। इस हादसे में कम से कम 67 यात्री घायल हो गये जिनमें 52 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी। 15 अन्य यात्रियों को कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जिसमें गंभीर रूप से घायल चार यात्रियों लाला लाजपत राय अस्पताल भेजा गया। उन्होने बताया कि शुरूआती पड़ताल में दुर्घटना का कारण कपलिंग का टूटना बताया गया है, हालांकि रेलवे बोर्ड ने हादसे की जांच सुरक्षा आयुक्त ए.के. जैन को सौंपी है। दूसरी ओर घटना के पीछे किसी शरारती तत्व की आशंका के मद्देनजर पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) का दस्ता भी जांच करेगा। हादसे के बाद दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग बुरी तरह प्रभावित रहा और लगभग सात घंटे अप और डाउन ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। रेलवे सुरक्षा एवं बचाव दल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव कार्य में चपलता दिखाते हुये प्रभावित यात्रियों को बसों से कानपुर के लिये रवाना किया जहां से उन्हे दो बार में स्पेशल ट्रेन द्वारा दिल्ली रवाना किया गया। रेलवे ने यात्रियों के परिजनों की सुविधा के लिये हेल्प लाइन नम्बर जारी किये। श्री गुप्त ने बताया कि रूमा रेलवे स्टेशन से ट्रेन ००5० बजे गुजरी और पास ही में एडवांस स्टार्टर सिग्नल के पास किमी नम्बर 1००5/17 पर ट्रेन के 1० यात्री कोच, पेंट्री कार और एसएलआर डिरेल हो गये। दुर्घटनाग्रस्त डिब्बो में एस8, एस9, पीसी, एचए1, बी1, बी2, बी3, बी4, बी5, ए1, ए2, एसएलआर शामिल थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणो ने ट्रेन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया जिसके कुछ देर बाद पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू हो गया। उन्होने बताया कि सुबह ०8.45 बजे डाउन ट्रैक पर परिचालन शुरू कर दिया गया। सबसे पहले ट्रैक से मालगाड़ी को चलाया गया जबकि बाद में नौ बजकर पांच मिनट पर 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस को गुजारा गया। देर शाम तक डाउन ट्रैक के भी दुरूस्त किये जाने की संभावना है। रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि घायलों में सबसे ज्यादा 1० यात्री बिहार के है जबकि उत्तर प्रदेश के तीन, दिल्ली और पश्चिम बंगाल का एक एक यात्री शामिल है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रवक्ता अमित मालवीय ने बताया कि हावड़ा से दिल्ली जाने वाले ट्रैक को रेल यातायात के लिए खोल दिया गया है हालांकि अप ट्रैक पर पड़ी दुर्घटना ग्रस्त बोगियों को हटाकर उखड़ चुकी रेल पटरियों को दुरुस्त करने काम युद्ध स्तर पर जारी है। श्री मालवीय ने बताया कि हादसे में घायल चार यात्रियों का इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में किया जा रहा है जबकि 12 अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। उन्होंने कहा अत्याधुनिक तकनीक से लैस कोचों की वजह से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। उन्होने बताया कि पूर्वा एक्सप्रेस के बेपटरी होने के कारण फतेहपुर-कानपुर, सुबेदार गंज-कानपुर, कानपुर-चित्रकूट इन्टर सिटी और कानपुर-प्रयागराज समेत 16 गाडियों को रेलवे ने निरस्त कर दिया है। इसके अलावा कानपुर अनवरगंज और गोरखपुर के बीच चलने वाली 15००4 चौरी-चौरा एक्सप्रेस को इलाहाबाद- कानपुर के बीच आंशिक रूप से निरस्त किया गया है। इसके अलावा गाड़ी संख्या 123०1 हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, गाडी संख्या 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 2०84० नई दिल्ली-रांची राजधानी, 1226०-नई दिल्ली-सायालदा दूरंतो एक्सप्रेस, 12368-विक्रम शिला एक्सप्रेस समेत 28 गाडियों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया है। श्री मालवीय ने बताया कि भारतीय रेल में परम्परागत सी बी सी रेक को हटाकर एलएचबी रेक को प्राथमिकता दी जा रही है। एलएचबी कोच स्टील की बेहद मजबूत बाड़ी के बने एवं हल्के होने के कारण बेपटरी होने की स्थिति में सुरक्षित होती है। गाड़ी संख्या 123०3 पूर्वा एक्सप्रेस का एलएचबी रेक होने के कारण स्थिति सामान्य रही। इस बीच मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि घटनास्थल पर 52 घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया, उन्हें मामूली चोटें थीं। एंबुलेंस से 15 घायलों को कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया था। इनमें से तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए एलएलआर अस्पताल (हैलट) भेजा गया। उन्होंने बताया कि रेलवे अधिकारियों की ओर से सुमित को 25 हजार और अन्य पांच घायलों को पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वा एक्सप्रेस के हादसे के बाद शुरू ही प्राथमिक जांच ने रेलवे अधिकारियों ने गार्ड से पूछताछ की। गार्ड ने बताया कि ट्रेन की बोगी का एक पहिया पटरी से उतर कर उससे सटा हुआ चल रहा था। इससे लगातार तेज चिंगारी निकल रही थी। रूमा के स्टेशन मास्टर ने इसे देखा और तुरंत सूचना देकर ट्रेन को रोकने के लिए कहा। जबतक गार्ड द्वारा ट्रेन रोकने का प्रयास किया जाता पटरियों को बदलने वाला प्वाइंट आ गया। प्वाइंट आते ही पहिया अपनी जगह से पूरी तरह उतर गया और पीछे की कई बोगिया पटरी से उतर गईं।

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