पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को 53वीं पुण्यतिथि पर दी लोगों ने श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को 53वीं पुण्यतिथि पर दी लोगों ने श्रद्धांजलि

वाराणसी पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को शुक्रवार को उनकी 53वीं पुण्यतिथि पर यहां लोगों ने याद किया। कांग्रेस समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से श्रद्धांजलि सभाएं अयोजित की गईं। अनेक लोगों ने वाराणसी के रामनगर स्थित उनके पैतृक आवास एवं अन्य स्थानों पर स्थापित उनकी प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लोहटिया चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दीं। कांग्रेस की ओर से आयोजित एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजय राय ने लाल बाहादुर शास्त्री को स्वतंत्रता सेनानी एवं देश को मजबूत बनाने वाला नेता बताते हुए कहा, "देश की आजादी की लड़ाई ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री के रुप में देश को मजबूत किया था।" श्री राय ने कहा कि 'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले प्रधानमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में देश को खाद्यन्न संकट से उबारने के साथ-साथ देश की सीमाओं की रक्षा के साथ भारत के दुश्मानों को करारा जवाब दिया था। देश के प्रति उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने स्वर्गीय शास्त्री समाज सेवा एवं सादगी के प्रतिक थे। उनके बताये रास्ते को प्रसांगिक बताते श्री शर्मा ने राजनीतिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों उस पर चलने की अपील की। गौरतलब है कि श्री शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था और उनका निधन 11 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री रहते हुए रूस के ताशकंद में हो गया था। उन्होंने नौ जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा की। मरणोपरांत उन्हें देश के सबसे बड़े सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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