रेलवे ने लगाये 2900 पौधे, लेकिन दिखा एक भी नहीं

रेलवे ने लगाये 2900 पौधे, लेकिन दिखा एक भी नहीं

इटावा। भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को हुए वृक्षारोपण महाकुंभ पर दो रोज बाद ही सवाल उठने शुरू हो गये हैं। रेलवे ने इटावा जंक्शन एवं कालोनियों में 29०० पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन रेलवे के दावों की पोल उस समय खुल गई, जब स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्र में एक भी पौधा लगा हुआ नहीं, मिला वहीं रेलवे कालोनी के पार्को में पौधे नहीं नजर आए। रेलवे की ओर से कहा गया था कि वृक्षारोपण महाकुंभ में उत्तर मध्य रेलवे ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने अधिकारियों के साथ पौधे लगाए थे। रेलवे ने प्रेस नोट जारी कर इलाहाबाद मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर 582०० पौधे लगाने की बात की थी। इन स्टेशनों में इटावा स्टेशन भी शामिल था। यहां पर मंडल इंजीनियरिंग के नेतृत्व में 29०० पौधे लगाने की बात लिखी गई थी, लेकिन जब पौधरोपण अभियान की हकीकत देखी गई तो बिल्कुल विपरीत नजर आई। स्टेशन के प्लेटफार्मों पर जो पार्क बने हैं, उनमें भी कोई पौधा नहीं लगाया गया था। सर्कुलेटिंग ऐरिया में स्थित एक पुराने पार्क में और न ही सर्कुलेटिंग ऐरिया में बने नए पार्क में कोई पौधरोपण किया गया, जब रेलवे कालोनियों में कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने भी न तो पौधरोपण होने की बात कही और न ही पौधे बांटने की। रेलवे के मंडल इंजीनियर जिस कालोनी में रहते है वहां पर उनके बंगले के पास रेलवे का तिरंगा पार्क बना हुआ है। मंडल इंजीनियर के बंगले के बगल में ही स्थित पार्क में भी किसी प्रकार का एक भी पौधा नहीं रोपा गया। कभी यह पार्क रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा श्रमदान करके गुलजार किया गया था। इसमें बच्चों के लिए झूले लगाए गए थे और आकर्षक पेटिंग भी की गई थी, लेकिन आज यह पार्क पूरी तरह से बदहाल हो चुका है और इसमें हमेशा ताला लटका रहता है। अगर अधिकारी चाहते तो काफी संख्या में पौधे इस पार्क में लगाए जा सकते थे। माल गोदाम कालोनी, न्यू रेलवे कालोनी व अन्य कालोनियों में रहने वाले कर्मचारियों ने भी पौधरोपण की बात को नहीं स्वीकारा। इससे तरह-तरह के लोग सवाल करते रहे। कि इतने पौधे आखिर गए कहां। शुक्रवार को इलाहाबाद के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक भी इटावा स्टेशन का दौरा करने आए थे, लेकिन उनसे भी स्थानीय अधिकारियों ने एक पौधा लगवाना भी मुनासिब नहीं समझा। कुल मिलाकर रेलवे के द्वारा जो 29०० पौधे लगाने की बात कही गई है वह पूरी तरह से हवा में है। इस मामले में स्थानीय अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इलाहाबाद रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता का कहना है कि स्टेशन पर पौधे लगाने के लिए जगह नहीं है इसलिए कालोनियों व अन्य स्थानों पर पौधे लगाए गए। जो पौधे बचे हुए हैं उन्हें अन्य स्थानों पर लगाया जाएगा। इटावा के अन्य स्टेशनों पर रेलवे कालोनियों में पौधरोपण का कार्य हुआ है और आगे भी कराया जाएगा।

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