उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति 20,589 रुपये का कर्ज:वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल

उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति 20,589 रुपये का कर्ज:वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का कर्ज अगले वित्तीय वर्ष में 4,73,563.22 करोड़ तक पहुंच जायेगा। इस तरह राज्य में प्रति व्यक्ति कर्ज बढ़कर 2०,589 रुपये हो गया है। यह जानकारी राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा में दी। हैरत की बात हालांकि यह है कि राज्य पर कुल कर्ज अगले वित्तीय वर्ष के लिये 4.79 लाख करोड़ के बजट प्रस्तावों के आसपास ही है। यह खुलासा भी विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुये वित्त मंत्री ने किया। सरकार ने हालांकि मौजूदा वित्तीय वर्ष में राज्य पर कर्ज की राशि को 1००० करोड़ रुपये घटा दिया है। वित्तीय वर्ष 2०18-19 में राज्य पर कुल 4,42,5०8.7० लाख करोड़ का कर्ज था। इस तरह तब यहां प्रति व्यक्ति कर्ज की राशि 19,239 रुपये बनती थी, जबकि इससे पहले कर्ज 4,43,362.52 करोड़ था और राज्य की करीब 23 करोड़ की आबादी में हर व्यक्ति पर यह 2०,152 रुपये आंकी गयी थी। 2०17-18 में प्रति व्यक्ति 18,476 रुपये का कर्ज था। उस वक्त राज्य पर कुल कर्ज 4०6474.31 करोड़ था। इस तरह 2०17 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने और आधारभूत संरचना के विकास पर जोर देने के बाद प्रति व्यक्ति कर्ज की राशि में 1676 रुपये की और बढ़ोतरी हो गयी। वित्त मंत्री ने बताया कि 2०15-16 में प्रति व्यक्ति कर्ज की राशि 14,724 रुपये थी। उस वक्त राज्य पर 323935.66 करोड़ रुपये का कर्ज था। जबकि 2०14-15 में प्रति व्यक्ति कर्ज की राशि 13341 रुपये थी। तब राज्य पर 26,68०2०.69 करोड़ रुपये कर्ज था। उन्होंने कहा कि 2.3 अरब की आबादी वाले राज्य में 2०16-17 में कर्ज का बोझ सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 29 से 3० फीसदी के आसपास है। जो कि 2०14-15 में 27.9 फीसदी था। कर्ज का बोझ हालांकि 2०17-18 में बढ़कर 29.6 फीसदी तक हो गया और वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह 3० फीसदी से ऊपर जा सकता है। वित्त मंत्री ने हालांकि उम्मीद जतायी कि 2०19-2० में कर्ज का बोझ इसी स्तर (3० फीसदी) पर रह सकता है। अगले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार बाजार से सबसे ज्यादा 279311.48 रुपये का कर्ज लेगी जो कुल कर्ज का 17.7 फीसदी रहेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार 12247.०9 करोड़ रुपये का कर्ज केंद्र से लेने का विचार कर रही है। वहीं वित्तीय संस्थानों से 15447.6० करोड़ रुपये और पावर बांड्स से 46592.26 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी सरकार कर रही है। बजटीय गणना के अनुसार 2०19-2० में राज्य को राजस्व से 47०684.48 करोड़ की आमदनी होगी। इसमें से सबसे ज्यादा 31.8 फीसदी केंद्रीय करों के हिस्से से मिलेगा। इसके अलावा 29.2 फीसदी राज्य को मिलने वाले कर और 14.2 फीसदी आय केंद्र से मिलने वाली मदद के रूप में होगी। श्री अग्रवाल ने सदन को बताया कि सरकार को इसके अलावा 15.2 फीसदी राजस्व जनता के कर्ज से मिलेगा। राज्य सरकार कुल 4797०1.1० करोड़ रुपये खर्च करेगी। जिसमें सबसे ज्यादा 35.6 फीसदी धन राज्य सरकार के कर्मचारियों की तनख्वाह, पेंशन और भत्तों के अलावा शैक्षिक संस्थानों और पेंशन पर खर्च होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लिये गये कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिये 7.4 फीसदी धन खर्च करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने में भी 7.4 फीसदी धन खर्च होगा। वहीं 16.2 फीसदी धन पूंजीगत व्यय के मद में जायेगा। इसके अलावा राज्य सरकार सब्सिडी पर 3.1 फीसदी धन खर्च करेगी।

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