यूपी में आंधी तूफान ने बिगाड़ा आम का जायका

यूपी में आंधी तूफान ने बिगाड़ा आम का जायका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आई आंधी तूफान का सबसे अधिक असर फलों का राजा आम पर पड़ा है। आंधी-तूफान की वजह से इस बार आम का जायका बिगड़ सकता है।
प्रदेश में पिछले दिनों आई आंधी-तूफान से करीब 35 से 4० प्रतिशत कच्चे आम गिर गये हैं। पके आम के लिए इस साल लोगों को तरसना पड़ सकता है। तूफान ऐसे समय में आए हैं, जब आम बाजार में दस्तक देने के लिए लगभग तैयार था। राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद का देश विदेश में मशहूर दशहरी आम के बाजार में आने में अब केवल दो सप्ताह का समय रह गया है, लेकिन अन्तिम मौके पर तूफान से फसल को नुकसान हुआ है। तूफान आने के बाद आम उत्पादक बहुत परेशान हैं। आम उत्पाद एसोशिएसन के अध्यक्ष इशराम अली ने आज यहां बताया कि इस साल आम की कीमत 5० रूपये प्रति किलोग्राम से कम नहीं हो पायेगी। 4० प्रतिशत आम इस तूफान में गिर गया है। इससे पहले भी दो बार आंधी तूफान आया था। उन्होंने बताया कि मौसम की अनियमितता ने फसल को प्रभावित किया है। आम बागों में बौर बहुत अच्छा रहा था और प्रदेश में कम से कम 5० लाख मीट्रिक टन की फसल की उम्मीद कर रहे थे। खराब मौसम के कारण, उत्पादन अब केवल 3०- 35 लाख मीट्रिक टन तक ही सीमित रहेगा। दशहरी आम का उत्पादन केवल 2०-25 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद की जा रही है। आने वाले सीजन में दशहरी आम की कीमत 5० रुपये प्रति किलो से कम नहीं होगी। श्री अली ने कहा कि लगातार बारिश ने आम फसल को काफी हद तक क्षति पहुंचायी है। उन्होंने कहा कि हाल में तूफान और आंधी आयी थी इसका सबके बड़ा असर आम की फसल को हुआ है। आम बागों के लिये एक और बड़ी समस्या कीटों की है, जो फसल को नष्ट कर देते है। हालांकि हमें बागवानी संस्थानों ने न्यूनतम कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। यह संभव नहीं है, क्योंकि अगर हम उनका उपयोग नहीं करते हैं तो कीट फसल को नष्ट कर सकते हैं। आम उत्पादक बार-बार कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए बाध्य हैं। इस समस्या के बारे में केंद्र और राज्य सरकार को अवगत कराया है। श्री अली ने कहा कि आम बेल्ट के किसानों को अपने क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आम बेल्ट का गठन से कोई विशेष फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वे बीमा के तहत किसानों को कवर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को अवगत करा चुके है लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ के आम पट्टी मलिहाबाद में पिछले दिनों आयी आंधी तूफान से बड़ा नुकसान हुआ है। आंधी तूफान से आम की फसल चौपट हो गयी थी। लगातार खराब मौसम आम की फसल का दुश्मन बना हुआ है। आंधी, तूफान और ओलों के कारण बाग में कच्चे आम के ढेर लग गये थे। लखनऊ के मलिहाबाद का आम देश ही नहीं दुनिया भर में मशहूर है। यहां के किसानों की आय का यह मुख्य जरिया है। इसके लिए यहां के किसान साल भर कड़ी मेहनत करते हैं। इस नुकसान की भरपाई के लिए यहां के किसान सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं। लखनऊ जिले में हजारों हेक्टेयर भूमि पर आम की खेती की जाती है। इस बार क्षेत्र में आम की बंपर पैदावार बताई जा रही थी, लेकिन मौसम की मार ने बाग स्वामियों के सपनों पर पानी फेर दिया है।

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