प्रयागराज कुंभ की सफलता से चिढ़े लोगों ने रचा षडयंत्र : अनंद गिरी

प्रयागराज कुंभ की सफलता से चिढ़े लोगों ने रचा षडयंत्र : अनंद गिरी

प्रयागराजअन्तर्राष्ट्रीय योग गुरू आनंद गिरी ने आस्ट्रेलिया की सिड़नी अदालत से अमर्यादित आचरण के "आरोप" से बाइज्जत बरी होने के बाद यहां लौटने पर "दिव्य और भव्य कुंभ मेले की सफलता तथा उनकी लोकप्रियता से चिढ़े लोगों का इसे षडयंत्र बताया।

आस्ट्रेलिया में अमर्यादित आचरण के आरोप से बरी होने के बाद योग गुरू सोमवार शाम इलाहाबाद पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुंभ की अपार सफलता और क्रिया योग को लेकर उनकी अन्तर्राष्ट्रीय छवि से कुंठित कुछ लोगों ने

उन्हें बदनाम करने का षडयंत्र रचा था, लेकिन उन्हें मुंह की खानी पड़ी। उन्होंने कहा," सांच को आंच नहीं।"

उन्होंने कहा कि कुंभ की सफलता के अतिरिक्त उनकी दिनो दिन लोकप्रिय छवि को लेकर भी उनके विपक्षी उनको नीचे दिखाना चाहते हैं। कुंठाग्रस्त लोगों ने अपनी तरफ से बदनाम करने की कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी थी।

उन्होंने कहा "सत्य परेशान हो सकता है लेकिन हार नहीं सकता।" परेशानी के बाद अन्तत: उसकी विजय होती है। लोगों का उनकी अन्तर्राष्ट्रीय छवि को धूमिल करने का सपना विफल हो गया।

योग गुरू ने कहा कि उन पर लगे झूठे आरोप से उतनी पीड़ा नहीं है जितना दु:ख संत समाज पर लगे आक्षेप से हुआ है। उन्होंने कहा कि लाख विपत्ति आने पर भी यदि आप सत्य का दामन नहीं छोड़ते तो समाज भी रक्षक की

अपनी भूमिका का निर्वहन करता है।

गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया में आनंद गिरी पर दो महिलाओं ने अमर्यादित आचरण का आरोप लगाते हुए पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराया था। पिछले छह जून को पुलिस ने आस्ट्रेलिया के सिड़नी में उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। सिडनी न्यायालय ने जांच के बाद अमर्यादित आचरण के आरोप से 11 सितम्बर को बाइज्जत बरी करते हुए वतन वापसी की अनुमति दी थी।

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