प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने फर्जी हस्ताक्षर कर किया घोटाला

प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने फर्जी हस्ताक्षर कर किया घोटाला

जालौनप्रदेश की योगी सरकार के भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के तमाम दावों के बावजूद विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत प्रकाश में आया है। जिले के विकासखंड महेवा में गांव सोहरापुर के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने ग्राम शिक्षा समिति के फर्जी हस्ताक्षर कर शिक्षा समिति के खाते से 58 हजार निकाल लिए। ग्राम पंचायतों में शिक्षा शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों शिक्षा से संबंधित समस्त कार्यों की संपादन हेतु विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष का संयुक्त खाता खोला जाता है । विद्यालय में निर्माण कार्य के लिए विद्यालय से संबंधित अन्य कोई काम हो उसे पूरा करने के लिए शिक्षा समिति के खाते से पैसा निकाला जाता है। ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष और संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से ही खाते का संचालन होता है किंतु विकासखंड महेवा के गांव सोहरा पुर के ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरि ओम ने बताया विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार शुक्ला ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर इलाहाबाद बैंक बाबई में संचालित शिक्षा समिति के खाते से 58000 रुपए निकाल लिए। शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि जानकारी होने पर उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश शाही से शिकायत कर पूरे फर्जीवाड़े से अवगत करा दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी जालौन राजेश शाही ने बताया ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ जांच के आदेश दिए। ग्राम पंचायत सोहरा पुर आटा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में आए दिन इसी तरह के फर्जीवाड़े होते रहते हैं, शिकायत करने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यवाही के नाम पर जांच करवाने की आश्वासन या नागरिकों की संतुष्टि के लिए जांच की कागजी कार्रवाई अवश्य ही कर देते हैं लेकिन धरातल में भ्रष्टाचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

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