चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने का मामला.....कानून की छात्रा को सात अक्टूबर तक भेजा जेल

चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने का मामला.....कानून की छात्रा को सात अक्टूबर तक भेजा जेल

शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्यमानंद पर यौन शोषण और बलात्कार का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को आज जबरन वसूली और ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। छात्रा को आज सुबह गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे मैडिकल जांच के लिये जिला अस्पताल लाया गया और बाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा ने कहा कि वीडियो की फारेंसिक जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर छात्रा को गिरफ्तार किया गया है। छात्रा पर जबरन उगाही और ब्लैकमेलिंग कर पांच करोड़ रूपए मांगने के आरोप हैं। लड़की पर चिन्मयानंद से उगाही करने का आरोप है। इसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद लड़की और उसके तीन साथियों पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। स्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में एसआईटी ने बुधवार को कोतवाली पुलिस के साथ आरोपी लड़की को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद छात्रा को चौक कोतवाली लाया गया। गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओ.पी. सिंह ने कहा कि स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को उनसे पैसे मांगने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने अग्रिम जमानत के लिए 26 सितंबर को एसआईटी से तथ्य पेश करने को कहा था, लेकिन एसआईटी ने आज उसे गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी चीफ नवीन अरोड़ा रात में ही लौटे थे और उनके लौटते ही आज सुबह की कार्रवाई घर से लड़की को गिरफ्तार कर लिया गया। लड़की की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत पर 26 सितंबर यानी कल सुनवाई होनी है। इससे पहले स्वामी चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में मंगलवार को एसआईटी ने छात्रा के दोस्त विक्रम और सचिन को रिमांड पर लिया था। अदालत से एसआईटी को 95 घंटे की रिमांड मिली है। दोस्तों के रिमांड पर लिए जाने के बाद पीडिता की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी। शिकायतकर्ता छात्रा ने भी अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट ने 26 सितम्बर से पहले सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आरोप लगाने वाली छात्रा की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी इस मामले की छानबीन कर रही है। इस केस में एसआईटी को एक लापता मोबाइल फोन बरामद करना है। इसी बात को आधार बनाकर एसआईटी ने शिकायतकर्ता लड़की के दो दोस्तों विक्रम और सचिन को मंगलवार को रिमांड पर लिया था। इन दोनों को रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पीडि़ता का नाम भी शामिल है। हालांकि एफआईआर में नाम आने के बाद शिकायतकर्ता लड़की के परिवार वाले भी कानूनी मदद की कोशिशों में जुटे हैं।

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