दो बार चालान के बाद आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर वाहन होगा प्रतिबंधित

दो बार चालान के बाद आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर वाहन होगा प्रतिबंधित

इटावा। उत्तर प्रदेश में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रहे सडक हादसों को रोकने के तहत सीमा से अधिक गति से वाहनों के संचालन पर चालान प्रकिया शुरू कर दी गई है। नये नियम के अनुसार जिस भी वाहन का दो बार चालान कट जायेगा, तो फिर उसे भविष्य में यात्रा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। औद्यौगिक विकास प्राधिकरण यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोहर यादव ने आज यहॉ बताया कि हादसों पर अंकुश लगाने को हाईटेक चालान प्रक्रिया शुरू की गई है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हाईटेक सिस्टम से चालान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्धारित 8०-1०० किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार होने पर वाहन चालक को एग्जिट टोल बूथ पर चालान की पर्ची थमा दी जाएगी। वाहन जिस सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में पंजीकृत होगा, वहीं पर रफ्तार के हिसाब से जुर्माना जमा करना होगा। जुर्माना नहीं देने पर नोटिस भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आगरा से लखनऊ के मध्य दोनों ओर 36 स्थानों पर सेंसर लगे हैं। रफ्तार ज्यादा होने पर सेंसर में स्पीड दर्ज हो जाएगी। सेंसर ही दूरी तथा वाहन के वजन के अनुरूप जुर्माना निर्धारित कर देता है। इसके लिए आगरा व लखनऊ के साथ सैफई और चौपुला कट के मध्य टिमरुआ के पास कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। एक्सप्रेसवे पर 9० हाईटेक कैमरे लगे हैं और हर 5० किलोमीटर पर स्पीड डिस्प्ले मीटर टावर हैं। उन्होंने बताया कि कार, जीप, मैजिक तथा अन्य चार पहिया वाहनों की अधिकतम गति 1०० किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से तय की गई है, जबकि ट्रक, ट्राला, डीसीएम, बस सहित अन्य भारी वाहनों की अधिकतम गति 8० किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से तय किया गया है। उन्होंने बताया कि ओवर स्पीड में दो बार चालान होने के बाद संबंधित वाहन को आगरा से लखनऊ के मध्य किसी भी टोल से एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। टोल पर कंप्यूटर में वाहन नंबर दर्ज करते ही जानकारी सामने आ जाएगी।

Share it
Top