'जनहित' है उप्र सरकार की प्राथमिता, समझौता नहीं:डॉ महेंद्र सिंह

वाराणसीउत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह ने सरकारी योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू करने पर जोर देते हुए रविवार को यहां कहा 'जनहित' हमारी प्रथमिकता है तथा इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

डॉ0 सिंह ने रविवार को यहां विभागीय बैठक के दौरान कहा, "अधिकारी कार्यों की पूरी जानकारी रखें, क्षेत्र में निकलें, किसानों एवं आम लोगों से बात करें, उनकी समस्याओं को पूरी संवेदना के साथ सुनें तथा प्राथमिकता पर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें।"

उन्होंने अधिकारियों से कहा, "जनजित हमारी प्रथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को ही मिले। इसके लिये प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण एवं मौके पर सत्यापन कर पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करें। सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी भगवान का स्वरूप होता है। अधिकारियों को इस बात का ध्यान हमेशा रखना चाहिए।

जल शक्ति के अलावा विभाग लघु सिंचाई, परती भूमि विकास एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्रालयों की जिम्मेवारी संभाल रहे श्री सिंह ने कहा कि नहरों की उचित समय पर सफाई, पानी पहुंचाना, रखरखाव और लोगों तक लाभ पहुंचाना हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि नहर ही सिंचाई विभाग की आंख और कान है। हमारा उद्देश्य केवल नहरें बनाना, चेक डैम बनाना, तालाब खोदना नहीं बल्कि उनका लाभ लोगों तक पहुंचाना मूल उद्देश्य होना चाहिए।

डॉ सिंह ने सामान्य जानकारी सहित सभी डेटा आन लाइन किये जाने तथा जियो टैगिंग करने का निर्देश दिया। तालाबों के चारों ओर पीपल, बरगद, महुआ, पाकड़, आम एवं जामुन के पौधे लगवाने को कहा।

उन्होंने गंगा और गोमती के संगम पर निर्माणाधीन 120 मीटर के संगम घाट तथा 50 मीटर के पुराने निर्माण के दोनों और 30-30 मीटर नये निर्माण मारकंडेय महादेव घाट के बारे में जानकारी ली। मारकंडेय महादेव घाट जून माह तक पूरा होने के निर्धारित समय सीमा में पूरा न होने पर नाराजगी व्यक्त की। चेतावनी देते हुए कहा कि ठेकेदार समय से काम नहीं करता तो उसे 'ब्लैक लिस्ट' करने, प्राथमिकी दर्ज करने जैसे कार्रवाई करें।

मंत्री ने कहा कि 'जनहित ही हमारी प्राथमिकता है'। सभी चीजें ऑनलाइन होनी चाहिए। जियो टैगिंग होना चाहिए। जिला स्तर पर सारी व्यवस्थाएं बनाएं। टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल करते हुए काम की मानीटरिंग प्रतिदिन की जाए। कार्यालयों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई कराकर अच्छी स्थिति में रखें, गेस्ट हाउसों को ठीक करें, सिंचाई विभाग की जमीनों एवं गेस्ट हाउसों पर अवैध रूप से किये गये कब्जों को मुक्त कराएं। एक-एक पैसे का सदुपयोग करें। विभाग को एक आदर्श विभाग बनाएं।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्री द्वारा पूछे जाने पर लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि चंदौली, गाजीपुर और वाराणसी में कुल 61 नहरें हैं और पिछले दो साल में 12 चेक डैम बनाये गये। उन्होंने बताया कि 1683 रिबोरिंग का लक्ष्य है जो मार्च तक पूरा करना है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आलोक जैन, भूमि संरक्षण अधिकारी, सिंचाई एवं जल संसाधन बी के सिंह, प्रभारी उप निदेशक सहित सभी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित मौजूद थे।

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