बच्चे पुस्तक पढ़ने से ज्यादा समय मोबाईल पर बिताते हैं जिसके दुष्परिणाम हैं:आनंदीबेन

बच्चे पुस्तक पढ़ने से ज्यादा समय मोबाईल पर बिताते हैं जिसके दुष्परिणाम हैं:आनंदीबेन

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों की पुस्तक पढ़ने की आदत समाप्त हो रही है और वे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाईल फोन पर बिताते हैं,जिसके अपने दुष्परिणाम हैं।

श्रीमती पटेल आज राजभवन में उच्च शिक्षा, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी एक उच्च स्तरीय बैठक 'पढ़े लखनऊ' अभियान के तहत बुलाई।

बैठक में राज्यपाल ने विद्यार्थियों में पुस्तक न पढ़ने व पुस्तकालय न जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुये कहा कि आज के विद्यार्थी पुस्तकों से दूर हो रहे हैं। पुस्तक पढ़ने की आदत समाप्त हो रही है। बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाईल फोन पर बिताते हैं, जिसके अपने दुष्परिणाम हैं।

उन्होंने ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें अवसर प्रदान करने की है। बच्चों को और अधिक संस्कारवान तथा चरित्रवान बनाने के लिए शिक्षा में बदलावा लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो काम दृढ़ इच्छाशक्ति, समन्वय और विश्वास के साथ किये जाते हैं, उनमें सफलता अवश्य मिलती है।

राज्यपाल ने कहा कि एक समिति का गठन किया जाये। समिति के नोडल अधिकारीगण एक कलैण्डर बनाये। लखनऊ के कक्षा आठ से बारह तक के छात्र तथा कालेज एवं विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पढ़ने के लिये सेशन हो जिसमें वे अपनी रूचि के आधार पर पुस्तक का चयन करें। पुस्तक का चयन बच्चों के रूचि के आधार पर हो चाहे वह शहीदों, महापुरूषों या अन्य ऐसे विषय पर हो, जो अच्छे संस्कार देकर ज्ञानवर्धन करे।

उन्होंने कहा कि सेशन में माध्यमिक स्तर के सरकारी विद्यालय, निजी विद्यालय, सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों को भी सम्मिलित किया जाये। यह कार्य पहले 'पढ़े लखनऊ' अभियान के अंतर्गत शुरू किया जायेगा, बाद में इसे प्रभावी रूप रेखा बनाकर आगे भी विस्तरित किया जायेगा।

राज्यपाल ने बताया कि एक परिवार गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी की 10 हजार बायोग्राफी भेंट स्वरूप देना चाहता है। सामान्य ज्ञान और व्यवसायिक ज्ञान बढ़ाने वाली पुस्तकों को भी इसमें सम्मिलित किया जाये तथा पुस्तकालय के समय में परिवर्तन करके ऐसा समय निर्धारित करें कि कालेज से लौटने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ने का लाभ मिले। थीम के आधार पर हम एक महीने पढ़ने के लिये कलैण्डर बनाया जा सकता है जिसमें किसानों के साथ परिचय हो, उद्योगों की जानकारी हो, देश की विविधता और संस्कृति के बारे में जानने के साथ-साथ प्रकृति और जीव-जन्तुओं की पहचान तथा लखनऊ का इतिहास जानने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ने के लिये प्रोत्साहित करें तथा पढ़ने वाले बच्चों को सम्मानित करें तो अच्छे वातावरण के साथ एक अच्छा संदेश भी जायेगा।

श्रीमती पटेल ने कहा कि 'पढ़े लखनऊ' अभियान की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करके प्रस्तुत किया जाये जिससे आगे के भावी कार्यक्रम तैयार किये जा सकें। राज्यपाल ऐसा अभिनव प्रयास राजभवन मध्य प्रदेश में रहते हुये भी कर चुकी हैं जिसकी सर्वत्र सराहना हुई थी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमन्त राव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा विभाग अमित मोहन, सचिव चिकित्सा शिक्षा मुकेश मेश्राम, जिलाधिकारी लखनऊ कौशलराज शर्मा, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो0 एस0पी0 सिंह, कुलपति ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय प्रो0 माहरूख मिर्जा, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Share it
Top