रिटायर्ड दरोगा और उसके सूदखोर भाई से परेशान फर्नीचर कारोबारी ने एसएसपी ऑफिस पर दी जान

रिटायर्ड दरोगा और उसके सूदखोर भाई से परेशान फर्नीचर कारोबारी ने एसएसपी ऑफिस पर दी जान

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में रिटायर्ड दरोगा और उसके सूदखोर भाई से परेशान फर्नीचर कारोबारी ने एसएसपी ऑफिस परिसर में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधीक्षक देहात संसार सिंह ने गुरूवार को यहां बताया कि सुभाष नगर क्षेत्र में बीडीए कालोनी करगैना में रहने वाले हरी प्रसाद मीना (6०) ने दो साल पहले एक रिटायर्ड दारोगा के भाई राजीव सक्सेना से ब्याज पर डेढ़-दो लाख रुपये लिए थे। बदले में वह चार लाख रुपये दे चुके थे, इसके बावजूद सूदखोर राजीव व उसका रिटायर्ड दारोगा अशोक कुमार उन पर बकाया बताता रहा। उनसे मकान भी अपने नाम लिखवा लिया। उन्होंने बताया कि बुधवार को परेशान व्यापारी दोपहर करीब दो बजे एसएसपी आफिस पहुंचा था, जहां उसने विषाख्त पदार्थ का सेवन कर लिया, लेकिन उसने मौजूद लोगों को नहीं बताया, मगर पास में सल्फाज के पैकेट पड़े देखकर शंका हुई। सूचना पर एसपी देहात उन्हें बुलाकर न्याय का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्हें एक गाड़ी से सुभाषनगर थाने भेज दिया। थाने पहुंचते-पहुंचते उनकी तबीयत बिगडऩे लगी तो थाना पुलिस ने एक अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां देर रात व्यापारी की मौत हो गई। श्री सिंह ने बताया कि व्यापारी के पास मिले सुसाइड नोट में उसने खुद को तनाव से ग्रसित होना बताया। लिखा कि 'मैं कभी भी सुसाइड कर सकता हूं। मेरे मर जाने पर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होने बताया कि रिटायर्ड दारोगा अशोक कुमार और उसके भाई राजीव सक्सेना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे में आत्महत्या के लिए मजबूर करने की अभी धारा 3०6 और बढ़ाई जाएगी। हरीप्रसाद के बेटे विजय ने बताया कि रिटायर्ड दारोगा व उनका रिश्तेदार महज 15-2० हजार रुपये के लिए बुजुर्ग हरी प्रसाद को परेशान कर रहे थे। दो दिन पहले इन लोगों ने घर पर आकर उनके साथ मारपीट कर दी थी। आहत हरीप्रसाद ने तभी आत्महत्या की ठान ली थी।

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