घड़ियालों से लबरेज चंबल उफान पर,मंदिर पर कैद हुए साधु

घड़ियालों से लबरेज चंबल उफान पर,मंदिर पर कैद हुए साधु

इटावाउत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनो से रूक रूक हो रही वर्षा से चंबल नदी उफान पर है। ऐतिहासिक बाबा सिद्धनाथ के मंदिर और सहसों पंचायत के मजरा नदा के मार्ग में पानी भरने से संपर्क टूट गया है जिसके चलते मंदिर पर मौजूद महंत समेत चार साधु और गोवंश मंदिर पर ही कैद हो गये हैं। चंबल नदी में आये बाढ के पानी से सहसों गांव के आसपास का क्षेत्र जलमग्न हो गया है जिसके चलते मंदिर का आवागमन ठप हो गया। सहसों गांव के निवासी अवनीश तिवारी अपने साथियों को लेकर पुलिया पर भरे पानी को तैरकर मंदिर पर पहुंचे और मौजूद साधुओं के भोजन की व्यवस्था की एवं गोवंशो को चारा पानी दिया गया। अवनीश ने बताया कि बाढ़ के पानी से निकलना पूरा रिस्क है क्योंकि इस समय बाढ़ से बचने के लिए चंबल नदी के घड़ियाल और मगरमच्छ खारो में ही घुस गये हैं। सहसों ग्राम पंचायत के मजरा नदा के रास्ते में पानी भरने से सहसों गांव से संपर्क टूट गया है। अब ग्रामीणों को करीब नौ किमी का चक्कर लगाकर सिरसा और मिटहटी होते हुए गांव जाना पड़ रहा है, जबकि लखना सिन्डौस मार्ग से महज उक्त गांव की सिर्फ एक किमी ही दूरी है।

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