सहारनपुर में सीबीआई ने दो ठिकानों पर नौ घंटे तक की छानबीन

सहारनपुर में सीबीआई ने दो ठिकानों पर नौ घंटे तक की छानबीन

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लखनऊ से पहुंची केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) टीम ने मंगलवार को करीब नौ घंटे तक दो ठिकानों पर छापेमारी कर चीनी मिल बिक्री घोटाले के सुबूत एकत्रित किए। सूत्रों ने यहां बताया कि सीबीआई दल सहारनपुर पुलिस लाइन में दो टीमों में बंट गया था। एक टीम ने पूर्व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एमएलसी इकबाल बाल्ला के गांव मिर्जापुर स्थित घर की करीब नौ घंटे तक तलाशी ली। घोटाले के आरोपी एमएलसी के दोनों बेटे वाजिद और सावेद छापे की भनक मिलते ही फरार थे। सीबीआई टीम को इकबाल बाल्ले का मुंशी नसीम हाथ लग गया। सीबीआई टीम ने नसीम और उसके परिजनों से कई घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई टीम को बैंक और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिसे टीम अपने साथ ले गई। उन्होंने बताया कि सीबीआई की दूसरी टीम ने सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट में चीनी मिल खरीद घोटाले के एक अन्य नामजद आरोपी सौरभ मुकुंद के मकान पर नौ घंटे तक छानबीन की। सीबीआई टीम ने सौरभ मुकुंद के आवास पर खड़ी कई कारों की भी तलाशी ली। जानकारी के मुताबिक कारों की सीटों के नीचे से काफी दस्तावेज सीबीआई टीम के हाथ लगे हैं, जिसे वे अपने साथ ले गए। गौरतलब है कि बसपा अध्यक्ष मायावती के मुख्यमंत्रितत्व कार्यकाल के दौरान वर्ष 2०1०-2०11 में उत्तर प्रदेश राज्य चीनी मिल निगम लिमिटेड के अधीन 11 बंद और दस चालू चीनी मिलों को बेच दिया गया था। इकबाल बाल्ला और सौरभ मुकुंद की फर्म मैसर्स नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड ने भी चीनी मिल खरीदी थी। इस फर्म के दो निदेशक इकबाल बाल्ला के पुत्र वाजिद और सावेद थे। एक निदेशक सौरभ मुकुंद के पुत्र मनमोहन लाल है। छापे की कार्रवाई पूरी होने के बाद सीबीआई टीम ने पत्रकारों से सिर्फ इतना ही कहा कि जिस उद्देश्य के लिए आए थे वह पूरा हो गया।

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