उप्र में अधिक निवेश को नियमों का होगा सरलीकरण: योगी

उप्र में अधिक निवेश को नियमों का होगा सरलीकरण: योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश के लिए नियमों के सरलीकरण पर बल देते हुए कहा कि निवेशकों की किसी भी प्रकार की क्वेरी का समाधान सात दिनों के भीतर कर दिया जाय। श्री योगी गुरुवार देर शाम यहां लोक भवन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के कार्याें की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आए, इसके लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की क्वेरी का समाधान सात दिनों के अंदर कर लिया जाए। इंस्पेक्शन के नाम पर किसी भी निवेशक का उत्पीडऩ न किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए, जिससे आलू उत्पादकों सहित किसान अधिकाधिक लाभान्वित हो सके। उन्होंने एनओसी में निर्णय न ले पाने वाले जिलाधिकारी/अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने फार्मास्यूटिकल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा दुग्ध विकास के क्षेत्र में निवेशकों के अनुरूप वातावरण बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी करें। इस मौके पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव आर के सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि निवेश मित्र-सिंगल विण्डो पोर्टल पर अब तक 45 हजार 59 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें 33 हजार 655 आवेदकों को अनापत्ति निर्गत भी की जा चुकी है तथा ०6 हजार 337 प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी-1 में 29 हजार 41 करोड़ रुपए के निवेश वाली 29 परियोजनाओं में वाणिज्यिक कार्य प्रारम्भ हो चुका है। अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन तथा यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में पर्यटन के बेहतर माहौल के कारण होटल उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने राज्य में निवेश करने में रुचि दिखाई है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा बनाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह गलियारा यूपीडा द्वारा विकसित किया जाएगा। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तथा गंगा एक्सप्रेस-वे पर योजना बनाकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास ने मुख्यमंत्री को बताया कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर में शीघ्र ही लगभग 5०० करोड़ रुपए का और निवेश आएगा। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Share it
Top