उत्तर प्रदेश में चलेगा अग्निशमन यंत्रों की जांच का व्यापक अभियान

उत्तर प्रदेश में चलेगा अग्निशमन  यंत्रों की जांच का व्यापक अभियान

लखनऊ। गुजरात में सूरत हादसे से सबक लेते हुये उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न शहरों में सरकारी और गैर सरकारी बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के इंतजाम परखने का व्यापक अभियान छेड़ा गया है। लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाइ, इटावा और हमीरपुर समेत राज्य के अलग अलग जिलों में बहुमंजिला इमारतों में स्थित सरकारी और निजी कार्यालय, कोचिंग संस्थानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र की पड़ताल की जा रही है। इस दौरान कई इमारतों में आग से सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आयी है। ऐसे भवन मालिकों और संस्थानों के मुखियाओं को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। कानपुर के काकादेव स्थित कोचिंग मंडी में जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव के निर्देशन में दमकल विभाग के अधिकारियों ने अग्निशमन यंत्रों की पडताल की और कमी पाये जाने पर संबधित संचालकों को नोटिस थमाया। जिला प्रशासन की कार्रवाई और सूरत हादसे से सबक लेते हुये अधिसंख्य भवन मालिकों ने आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिये हैं। हमीरपुर में सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों, कोचिंग सेंटरों और पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा के इंतजाम कडे करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) रोहित पाल ने बताया कि सूरत जैसी कोई घटना जिले में न होने पाये इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के अलावा कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा के इंतजाम पूरी मुस्तैदी से करने के आदेश दे दिये गये हैं। इन सभी जगहों पर अग्निशमन यंत्र लगाने के सख्त आदेश दिये गये हैं। प्रत्येक पेट्रोल मालिक को आदेश किया है कि वह हर हाल में पंप के बगल में वाटर टैंक और वाटर हाइडेंट अवश्य लगाये ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में उससे तुरंत निपटा जा सके। इटावा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार दमकल विभाग 27 मई से जिले में चल रहे वैध और अवैध कोचिंग सेंटरो पर आग से बचाव को लेकर अभियान शुरू करेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के. वर्मा ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर 27 मई से कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। चेकिंग के दौरान यह देखा जाएगा कि कोचिंग सेंटर की कक्षाओं में निकास के साथ हवा आने की व्यवस्था ठीक है या नहीं। बिजली के उपकरण सुरक्षित और मानक के अनुसार लगे हैं या नहीं। अगर कहीं लापरवाही मिली तो कोचिंग संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने कहा कि जल्द ही अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बिना पंजीकृत कोचिंग चलाने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा जर्जर भवनों और बगैर अग्निशमन यंत्रों व अन्य सुरक्षा मानकों के भवनों में चलने वाले कोचिंग सेंटर भी बंद कराए जाएंगे। इटावा के अधिकाधिक कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। जिले भर में दो सौ से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, इनमें एक ने भी फायर बिग्रेड से एनओसी नहीं ली है।

Share it
Top