विद्युत लोकपाल की नियुक्ति को चुनौती... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किये नोटिस जारी

विद्युत लोकपाल की नियुक्ति को चुनौती... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किये नोटिस जारी

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के विद्युत लोकपाल विनय कुमार सिंह को नोटिस जारी करते हुए उनकी नियुक्ति की वैधता पर राज्य सरकार सहित विपक्षियों से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका में विनय कुमार सिंह को लोकपाल बनाये जाने की नियुक्ति की वैधता को चुनौती देते हुए उनकी योग्यता को लेकर सवाल उठाये गये हैं तथा उ.प्र. विद्युत लोकपाल (सेवा शर्ते) परिनियमावली 2००7 के खण्ड 3.2 (1) व (3) को रद्द किए जाने की मांग की गयी है। न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिनेश कुमार शुक्ल की याचिका पर बुधवार को यह आदेश दिया। याचिका पर अधिवक्ता महावीर यादव एवं विद्युत विभाग के अधिवक्ता महबूब अहमद ने पक्ष रखा। याची का कहना है कि फोरम में एडीजे रैंक के न्यायिक अधिकारी के आदेश की अपील लोकपाल के समक्ष होगी। लोकपाल पद पर नियुक्त व्यक्ति विधि स्नातक एवं अभियंता होना चाहिए। विपक्षी विनय कुमार सिंह मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त है। वे विधि स्नातक नहीं है। इसलिए पद पर नियुक्ति के योग्य नहीं है। गौरतलब है कि दिनेश शुक्ल के विद्युत कनेक्शन के विवाद में उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम इलाहाबाद के आदेश के खिलाफ लोकपाल के समक्ष अपील दाखिल की। याची के अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्र की रिपोर्ट पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नैनी को फाइनल बिल बनाने का आदेश हुआ। जिसका पालन न होने पर लोकपाल के समक्ष अर्जी दी गयी। सुनवाई के दौरान बहस पर लोकपाल ने आपत्ति की और अधिवक्ता सुदीप कुमार मिश्र और अरुण कुमार मिश्र को न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुचाने के आरोप में फोरम में बहस करने पर प्रतिबंध लगा दिया। पिछले 28 मार्च को पारित इस आदेश को भी चुनौती दी गई है।

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