बगैर अधिग्रहण जमीन हथियाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश

बगैर अधिग्रहण जमीन हथियाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश के मुख्य सचिव को बिना अधिग्रहीत जमीन पर सड़क बनाने के लिए भूमिधरी पर कब्जा लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

न्यायालय ने कहा है कि अनुच्छेद 300-ए के तहत सम्पत्ति का अधिकार भले ही मूल अधिकार न हो लेकिन यह संवैधानिक अधिकार है जिसे बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं लिया जा सकता है। कानून के तहत मुआवजा देकर ही कानून के तहत जमीन ली जा सकती है।

न्यायालय ने भूमि अधिग्रहण कानून का कड़ाई से पालन करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने यह आदेश

मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को अनुपालनार्थ भेजे जाने का भी आदेश दिया ।

न्यायालय ने सिकंदरा के शीतलपुर गांव से गारेपुर तक खेती की जमीन पर कब्जा कर बनायी जा रही सड़क के

खिलाफ याची को प्रत्यावेदन देने तथा उस पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम वित्त) को चार माह में रिपोर्ट जिलाधिकारी (डीएम) को देने और उसके एक माह में डीएम को निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खण्डपीठ ने गायत्री देवी एवं अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए मंगलवार को यह आदेश दिया है। न्यायालय ने 12 मई 16 के शासनादेश का पालन करने को कहा है। न्यायालय ने बिना अधिग्रहीत किये जमीन हथियाने पर गहरी नाराजगी प्रकट की है और कहा है कि कानून के तहत ही जमीन ली जाए और मुआवजे का भुगतान किया जाए।

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