झांसी लाइन में तैनात दरोगा को बलात्कार के आरोप में हुई जेल

झांसी लाइन में तैनात दरोगा को बलात्कार के आरोप में हुई जेल

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी पुलिस लाइन में तैनात दरोगा को एक युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इंकार करने और युवती को धमकाने के आरोप में अदालत में दोषी पाये जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। दारोगा पुलिस लाइन से फरार चल रहा था। झांसी प्रतिसार निरीक्षक रामजीत सिंह यादव ने शुक्रवार को बताया कि दरोगा उदय प्रताप सिंह यादव की लाइन में ही तैनाती थी, लेकिन पिछले करीब 5 महीने से वह गैर हाजिर चल रहा था। शादी का झांसा देकर युवती से बलात्कार करने के आरोपी दरोगा उदय की अग्रिम जमानत याचिका कानपुर की अदाल ने शनिवार को खारिज कर दी और उसे जेल भेज दिया।गौरतलब है कि मैनपुरी निवासी उदय उप्र पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। वर्ष 2013 में वह जिला कानपुर में एक चौकी पर चौकी प्रभारी के रुप में तैनात था। उसी समय पी रोड नगर निवासी एक युवती के साथ चैन स्नेचिंग की घटना हो गई थी। पीड़ित युवती अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पहुंची। वहां उसकी मुलाकात चौकी प्रभारी उदय से हुई। घटना के संबंध में कई बार उसे चौकी आना जाना पड़ा। इसके चलते चौकी प्रभारी से उसके संबंध प्रगाण हो गए। इसके बाद चौकी प्रभारी ने युवती से शादी करने का प्रस्ताव रखा और युवती के साथ लगातार शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। इसके बाद दरोगा का स्थानान्तरण झांसी हो गया। बताया जाता है कि यहां भी दरोगा युवती को अपनी पत्नी के रूप में कई बार सरकारी आवास में साथ में लाया। जब युवती ने दरोगा से शादी करने का दबाव बनाया तो 30 अप्रैल 2016 को दरोगा उदय प्रताप ने युवती से शादी करने से इंकार कर दिया और उसे धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद युवती की शिकायत पर कानपुर महिला थाने में दरोगा के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया था। इस प्रकरण में दरोगा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत डाली थी। वहीं पुलिस ने कानपुर की अदालत में दरोगा के खिलाफ चार्ज शीट पेश कर दी थी। न्यायालय में दरोगा ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया और दरोगा को जेल भेज दिया गया।

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