सहारनपुर में एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध खनन जारी

सहारनपुर में एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध खनन जारी

सहारनपुर। सहारनपुर में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की रोक के बावजूद बालू आदि का अवैध खनन जारी है, जबकि इसकी जांच के लिए सतर्कता विभाग की टीम यहां डेरा डाले है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सहारनपुर में एनजीटी ने पिछले दिनों पर्यावरण नियमों का पालन नहीं होने के कारण बालू एवं बजरी के खनन पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद सहारनपुर जिले में धड़ल्ले से जबरदस्त खनन जारी रहा। अवैध खनन की खबरों के बीच इसकी जांच के लिए सतर्कता विभाग की टीमें सहारनपुर भेजी गई है। पुलिस द्वारा बीच-बीच में अवैध खनन में वाहनों को सीज भी करती है, लेकिन कुछ दिन बाद नदियों से रेत और बजरी का अवैध खनन फिर शुरु कर दिया जाता है। अपैध खनन से सबसे ज्यादा प्रभावित बेहट तहसील का इलाका प्रभावित है। इस बीच बेहट इलाके के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) युगराज सिंह ने बताया कि उन्होंने जिला खनन अधिकारी को भेजे पत्र भेजकर उनके क्षेत्र में अवैध खनन होने की जानकारी दी है और उसे इस पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने जिला खनन अधिकारी को भेजे पत्र में इसके रोके जाने की आवश्यकता बताई। एसडीएम ने अपने पत्र में जिला खनन अधिकारी को सूचित किया कि गाँव नुनियारी अहतमाल में पट्टा धारक नसीम नियमों की खुल्लम खुल्ला अनदेखी कर मनमाने ढ़ंग से खनन कर रहा है। उसने मौके पर कोई पिलर नहीं लगाया है। उसके द्वारा जेसीबी मशीन और पोकलेन का प्रयोग कर कई फीट नीचे तक खनन कर गढ्ढे बना दिए है, जबकि नियमानुसार खनन मशीने श्रमिकों द्वारा हाथों से होना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि पट्टे धारक खनन क्षेत्र से बाहर जाकर खनन कर लाखों घन मीटर खनिज निकाल कर स्टोन क्रेशरों पर भेज रहे है और किसी तरह का कोई रिकार्ड भी नहीं रखा जा रहा है। उनके द्वारा जिला खनन अधिकारी को पूर्व में भी अवैध खनन रोके जाने के संबध में पत्र लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। खनन पट्टे धारक पूरे इलाके में खनन कराकर बिना वैध प्रपत्रों के स्टोन क्रेशरों में बोल्डर, बजरी आदि खनिज भंडारण कर बिक्री की जा रही है।

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