रिजल्ट देने में यूपी बोर्ड ने बनाया नया रिकार्ड....बोर्ड के इतिहास में न तो इतना पहले कभी परीक्षाएं शुरू हुई और न ही परीक्षाफल घोषित हुआ

रिजल्ट देने में यूपी बोर्ड ने बनाया नया रिकार्ड....बोर्ड के इतिहास में न तो इतना पहले कभी परीक्षाएं शुरू हुई और न ही परीक्षाफल घोषित हुआ

प्रयागराज। एशिया के सबसे बड़े परीक्षा आयोजक उत्तर प्रदेश माध्यामिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने 2०19 का हाईस्कूल और इन्टरमीडि़एट दोनों का परीक्षा परिणाम 2०18 की तुलना मे दो दिन पहले 27 अप्रैल को घोषित कर एक नया कीर्तिमान कायम किया है। पिछले वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा छह फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चली थी। इसका परीक्षाफल 29 अप्रैल को घोषित किया गया था। बोर्ड के इतिहास में न तो इतना पहले कभी परीक्षाएं शुरू हुई और न ही परीक्षाफल घोषित हुआ। हालांकि इस बार बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को जल्द कराना चाहता था, लेकिन प्रयागराज में कुंभ मेले के आयोजन के कारण सात फरवरी से शुरू होकर दो मार्च तक चलीं और परीक्षा परिणाम 27 अप्रैल को घोषित कर दिया गया। इससे पहले आयोजित होने वाले हाईस्कूल और इंटरमीड़एिट परीक्षा परिणाम मई एवं जून के महीने में ही घोषित होते रहे हैं। इंटर मीड़एिट उत्तीर्ण करने वाले परीक्षार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश को लेकर हो रही कठिनाइयों को देखते हुए परीक्षा समय सारिणी में बदलाव किया गया उसके बाद परिणाम घोषित करने के समय को भी घटाया गया। वर्ष 2०1० से लेकर 2०17 तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल मई या फिर जून महीने में ही घोषित किया जाता रहा है। वर्ष 2०14 तक तक परीक्षाफल दोनो कक्षाओं के परीक्षाफल कभी एक ही महीने में या आगे पीछे महीने में आते रहे। वर्ष 2०15 से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनो के परीक्षाफल की घोषणा एक ही साथ शुरू हुई। वर्ष 2०15 में परीक्षा 19 फरवरी को शुरू हुआ और दोनो का परीक्षाफल 17 मई को घोषित हुआ था। वर्ष 2०16 में परीक्षा 18 फरवरी से आरंभ हुआ था जबकि परीक्षाफल 15 मई को, वर्ष 2०17 में परीक्षा 16 मार्च से शुरू हुई थी और परिणाम नौ जून को घोषित हुआ था। वर्ष 2०18 में परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक समाप्त हो गयी, जिसका परिणाम 29 अप्रैल को घोषित किया गया था।

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