मथुरा सीट पर बाहरी प्रत्याशी का जिन्न एक बार फिर बना चुनावी मुद्दा

मथुरा सीट पर बाहरी प्रत्याशी का जिन्न एक बार फिर बना चुनावी मुद्दा



मथुरा । लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट पर हर बार की तरह इस बार भी बाहरी प्रत्याशी का ''जिन्न'' एक बार फिर बोतल से बाहर निकलकर आ गया है और चुनाव प्रचार में इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया जा रहा है।

मथुरा संसदीय सीट से बाहरी प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर, राजा बच्चू सिंह, विश्वेन्द्र सिंह, पूर्व विदेश राज्य मंत्री नटवर सिंह, गायत्री देवी, ज्ञानवती, रामेश्वर सिंह, सच्चिदानन्द हरि साक्षी तक अपना भाग्य अजमाते रहे हैं। ब्रजवासियोें ने उनको मिला जुला सम्मान दिया और कभी उन्हें सिर आंखों पर बिठाया तो कभी पटक भी दिया।

उत्तर प्रदेश की पश्चिमी सीमा यमुना किनारे बसे मथुरा संसदीय क्षेत्र की पहचान भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली से है। इस सीट पर कांग्रेस, भाजपा और रालोद यहां से चुनाव जीतती रही हैं। बाहरी प्रत्याशी भी चुनाव जीत कर संसद तक पहुंचते रहे हैं। इनमें राजा महेंद्र प्रताप सिंह, हरियाणा के मनीराम बागड़ी, एटा के साक्षी महराज, जयंत चौधरी और मुंबई की हेमा मालिनी भी चुनाव जीती हैं। वर्तमान में फिल्म सिटी की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी यहां से सांसद हैं

वर्ष 2009 के चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल(रालोद) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को ब्रजवासियों ने सिर आखों पर बिठाया, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें धूल चटा दी।

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