विवाह में देरी से बढ़ रही है बांझपन की समस्या : चिकित्सक

विवाह में देरी से बढ़ रही है बांझपन की समस्या : चिकित्सक

लखनऊ विवाह में देरी के साथ ही अनियमित दिनचर्या और फास्ट फूड का बढ़ता प्रचलन देश में नापुसंकता अौर बांझपन की समस्या को विकराल कर रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक हाल के वर्षो में बांझपन देश में चिंता का एक बडा कारण बनकर उभरा है जो पिछले एक दशक में करीब 14 फीसदी से बढ़कर 20 प्रतिशत तक हो चुका है। बढती उम्र में विवाह और दंपत्ति द्वारा गर्भधारण में देरी करने के फैसले इस समस्या के अहम कारणों में एक है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या और खानपान भी नापुंसकता और बांझपन की बढी वजह बनकर उभरी हैं। स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा आंचल गर्ग ने यूनीवार्ता को बताया कि किसी गर्भनिरोधक का उपयोग किये बिना यदि एक साल तक गर्भधारण नहीं हो पाता है तो यह इनफर्टिलिटी यानी बांझपन का संकेत हो सकता है। इसके लिये पुरूष और महिला में से कोई भी जिम्मेवार हो सकता है। उन्होने कहा, " इच्छानुरूप समय पर बच्चे को जन्म देने की असमर्थता काफी तनावपूर्ण एवं व्यक्तिगत अनुभव है। ऐसे दंपति को इस समस्या के मूल कार को समझने और ठीक करने के लिए फर्टिलिटी उपचार का सहारा लेना चाहिए। " उन्होने कहा कि शुक्राणु की गणना एवं गतिशीलता पुरूषों की इनफर्टिलिटी के सबसे सामान्य कारणों में से है जबकि महिलाओं में, एनोव्युलेशन इनफर्टिलिटी एक ऐसी स्थिति है जिसमें मासिक चक्र के दौरान अंडाशयों से ऊसाइट नहीं निकलता है, जिससे अण्डोत्सर्जन बाधित हो जाता है। "

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