सपना चौधरी के मामले में 'माकपा' की 'कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना'



लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोमवार को हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी की हितैषी बनने के चक्कर में अपनी फजीहत स्वयं करा ली। सियासत की रोटी सेंकने में मशगूल वामपंथी नेता को समझ में ही नहीं आया कि किस पर टिप्पणी कर रहे हैं। जैसे, कहीं पे निगाहें-कहीं पे निशाना। घेरना किसी को और को था, लेकिन सामान्य जानकारी के अभाव में किसी और पर टिप्पणी कर दी।

सपना चौधरी की राजनीतिक पैंतरेबाजी को लकर देश में खूब चर्चा हो रही है। नेताओं के तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं। बीते रविवार को बैरिया विधानसभा से भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह द्वारा सपना पर की गयी टिप्पणी ने भाजपा की फजीहत कर दी। सभी तरफ आलोचनाएं होने लगीं। इसी बीच सोमवार को माकपा ने भी सपना के समर्थन में टिप्पणी की, लेकिन माकपा नेता को यह भी नहीं पता है कि सपना पर किसने विवादित टिप्पणी की है। लेकिन सुर्खियों में आने के चक्कर इसी नाम से मिलता जुलता किसी अन्य रोहनिया विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह पर प्रहार कर बैठे।

सोमवार को माकपा के राज्य सचिव मण्डल सदस्य एसपी कश्यप ने जारी बयान में सपना पर विवादित टिप्पणी को लेकर रोहनियां विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह की निंदा की गयी और मांफी मांगने तक की बात कर डाली है। जबकि सपना पर टिप्पणी बैरिया विधायक ने की है। हालांकि बातचीत में एसपी कश्यप ने अपनी गलती को स्वीकारा और बयान में संशोधन किया।

इस मामले में रोहनिया विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है। किसी महिला पर अशोभनीय टिप्पणी करना मेरा संस्कार नहीं। माकपा नेता किसी और की बात मेरे माथे मढ़ रहे हैं। उन्हें अपना सामान्य ज्ञान और दृष्टि ठीक कर लेनी चाहिए, वरना फजीहत हो सकती है।

गौरतलब है कि बैरिया विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र सिंह ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी व सपना चौधरी पर टिप्पणी की। जिसको लेकर भाजपा को फजीहत झेलनी पड़ी। वहीं, सुरेन्द्र सिंह की टिप्पणी से आहत सपना ने राहुल गांधी से अपने बड़े भाई जैसा रिश्ता जोड़ते हुए विधायक को खरी-खरी सुनाई है।


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