लखनऊ में आयोजित खाद्य प्रसंस्करण कार्यशाला में मुज़फ्फरनगर के प्रतिनिधि मंडल ने किया प्रभावित

लखनऊ/मुज़फ्फरनगर । एक जनपद एक उत्पाद (ओ०डी०ओ०पी०) कार्यक्रम के तहत निर्यात भवन, कैसरबाग लखनऊ में आयोजित खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के विकास हेतु स्टेकहोल्डर्स की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुज़फ्फरनगर के प्रतिनिधि दल ने अपना पक्ष समग्रता के साथ रखा और उच्च अधिकारियों को स्थानीय गुड़ उद्योग की समस्याओं से अवगत कराया। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, मुज़फ्फरनगर द्वारा नामित तीन सदस्य प्रतिनिधि मंडल में डी०ए०वी० कॉलेज की प्राचार्या डॉ० शशि शर्मा, गुड, खांडसारी एवं ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट श्री संजय मित्तल और गुड व्यापारी श्री राजेश गोयल शामिल थे।

कार्यशाला में विशेष वक्ता के तौर पर आमंत्रित प्राचार्या डॉ० शशि शर्मा ने अपने व्याख्यान से सबको काफी प्रभावित किया। उन्होंने भरोसा जताया कि उद्योग जगत और किसानो की अधिकतर समस्याओं का हल डी०ए०वी० कॉलेज जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों के पास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर उनके कॉलेज में उद्योगों की उन्नति के लिए शानदार ग्रेजुएट प्रतिभा मौजूद है वहीँ दूसरी ओर उनके कॉलेज के संकायों में आर्गेनिक फार्मिंग जैसे नवीन विषयों पर हो रहे शोध से किसान सीधे लाभ ले सकते हैं। श्री संजय मित्तल ने अपने भाषण से मंडी में प्रोपराईटरशिप के पुरातन नियमों से व्यापार में आ रही समस्याओं से निदेशक, मंडी समिति को अवगत कराया। गौरतलब है कि मंडी समिति के वर्तमान नियमों के अनुसार कोई भी मंडी व्यापारी अपने व्यापार की प्रोपराईटरशिप दूसरे को ट्रान्सफर नहीं कर सकता। रुग्ण होने जैसी अपरिहार्य स्थिति में व्यापारी की अनुपलब्धता से उसके व्यापार को बहुत नुकसान हो सकता है और टैक्स इत्यादि जमा करने में भी दिक्कत आती है। उन्होंने बदलते समय के साथ मंडी नियमों में बदलाव करने की भी गुजारिश की। श्री मित्तल ने यह सुझाव भी दिया कि आर्गेनिक गुड की उपलब्धता बढाने के लिए प्रदेश सरकार को पहले आर्गेनिक गन्ने की खेती पर बल देना चाहिए चूँकि आर्गेनिक गन्ने से ही आर्गेनिक गुड़ और खांडसारी का उद्भव संभव है।

ज्ञातव्य है कि एक नयी पहल के तहत दिनांक 2 मार्च को मेरठ में संपन्न ओ०डी०ओ०पी० समिट में डी०ए०वी० कॉलेज ने अपनी ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल का स्टॉल लगाया था जिसके माध्यम से कॉलेज ने आर्गेनिक गुड़ और आर्गेनिक खेती पर हुए शोध का प्रदर्शन भी किया था। 2 मार्च की गोष्ठी में प्राचार्या डॉ० शशि ने अपने गेस्ट लेक्चर के माध्यम से उद्योगपतियों को अपने कॉलेज में आकर ऑन-कैंपस प्लेसमेंट लेने का न्योता दिया था। इस कड़ी में डॉ० शशि ने लखनऊ में भी प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि डी०ए०वी० कॉलेज, मुज़फ्फरनगर के ग्रेजुएट छात्र उच्च शिक्षा के अलावा उद्योग उपयोगी कौशल में भी दक्ष हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से पुनः अनुरोध किया कि वे लोग डी०ए०वी० कॉलेज में हर साल ऑन-कैंपस प्लेसमेंट लेने आयें।

गौरतलब है कि उन्नत भारत अभियान के तहत डी०ए०वी० कॉलेज ने जिले के पांच गाँवों - कूकडा, बेल्डा, सिकंदरपुर, रहमतपुर और गडवडा - को अपने संरक्षण में लिया है जिनमे कॉलेज नयी तकनीकों से आर्गेनिक खेती और आर्गेनिक गुड़ के उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है। मुज़फ्फरनगर की गुड़ मंडी दुनिया की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार है और ओ०डी०ओ०पी० स्कीम के तहत भी मुज़फ्फरनगर को 'गुड़' के लिए चयनित किया गया है। आर्गेनिक खेती में उच्च स्तरीय शोध के लिए केंद्र सरकार द्वारा डी०ए०वी० कॉलेज को 'स्टार कॉलेज' की उपाधि से भी नवाज़ा गया है।

लखनऊ में हुई कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आये व्यापर प्रतिनिधियों, उद्यमियों, बैंक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला की अध्यक्षता उद्योग सचिव श्री भुवनेश कुमार (आईएएस) ने की। प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में उद्योग उन्नति और रोजगार सृजन के लिए एक जनपद एक उत्पाद (ओ०डी०ओ०पी०) कार्यक्रम को जबरदस्त बढ़ावा दे रही है।

Share it
Top