सेमी हाई स्पीड बंदे भारत ट्रेन पहुंची प्रयागराज

सेमी हाई स्पीड बंदे भारत ट्रेन पहुंची प्रयागराज

प्रयागराजदेश में निर्मित पहली स्वदेशी हाई स्पीड़ ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' स्पेशल ट्रेन प्रयागराज पहुंचने पर उसका करतल ध्वनि से स्वागत किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'वंदे भारत एक्सप्रेस' को शुुक्रवार को 11 बजे हरी झंडी दिखाकर कर नई दिल्ली स्टेशन से वाराणसी के लिए रवाना किया।

उद्घाटन यात्रा में रेलमंत्री पीयूष गोयल के अलावा रेलवे बोर्ड के सदस्य एवं अधिकारी तथा मीडियाकर्मियों के विशेष ट्रेन से उतरने पर स्वागत किया गया। विशेष यात्रा में आम यात्री शामिल नहीं किए गए हैं। इलाहाबाद जंक्शन पर विशेष ट्रेन अपने निर्धारित समय 5.50 बजे के स्थान पर 6 बजकर 10 मिनट पर पहुंची। विशेष कार्यक्रम के लिए इसे 40 मिनट तक रोका गया। उसके बाद श्री गोयल उसी ट्रेन से यहां से वाराणसी के लिए रवाना हुए जो रात साढ़े नौ बजे के करीब वाराणसी पहुंच पाएगी।

यात्रियों के लिए वंदे भारत का नियमित संचालन 17 फरवरी से प्रारंभ होगा। नियमित संचालन का समय भी उद्घाटन यात्रा के समय से अलग होगा। जहां नियमित संचालन में नई दिल्ली से ट्रेन का प्रस्थान समय सुबह छह बजे है और ये अपराह्न दो बजे वाराणसी पहुंचाएगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 एसी डिब्बे हैं। इनमें दो एक्जीक्यूटिव क्लास के जबकि 14 चेयरकार के हैं। वंदे भारत में कुल 1128 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है।

वंदे भारत के दरवाजे भी मेट्रो की तरह ऑटोमैटिक ढंग से खुलते बंद होते हैं। चढ़ने-उतरने के लिए दरवाजों के साथ ऑटोमैटिक पायदान भी दिया गया है। ट्रेन की अन्य सुविधाओं में जीपीएस आधारित ऑडियो विजुअल पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम, ऑनबोर्ड हॉटस्पॉट वाई-फाई, बॉयो वैक्यूम टायलेट, डूअल मोड लाइटिंग तथा सभी सीटों में मोबाइल चार्जिग सॉकेट शामिल हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे 2018 में तैयार होने के कारण शुरू में ट्रेन-18 नाम दिया गया था, परीक्षण संचालनों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ने में कामयाब रही है, लेकिन नई दिल्ली-वाराणसी ट्रैक की स्थिति को देखते हुए नियमित संचालन में इसे बीच-बीच में अधिकतम 160 किलोमीटर पर चलाया जाएगा। जबकि कानपुर और इलाहाबाद में दो-दो मिनट के स्टॉपेज को शामिल करने पर इसकी औसत गति 100 किलोमीटर के करीब की होगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे 2018 में तैयार होने के कारण शुरू में ट्रेन-18 नाम दिया गया था, परीक्षण संचालनों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ने में कामयाब रही है, लेकिन नई दिल्ली-वाराणसी ट्रैक की स्थिति को देखते हुए नियमित संचालन में इसे बीच-बीच में अधिकतम 160 किलोमीटर पर चलाया जाएगा। कानपुर और इलाहाबाद में दो-दो मिनट के स्टॉपेज को शामिल करने पर इसकी औसत गति 100 किलोमीटर के करीब की होगी।

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