विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है भारत : लक्ष्मी नारायण चौधरी

विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर  है भारत : लक्ष्मी नारायण चौधरी



मथुरा, 26 जनवरी - उत्तर प्रदेश के दुग्ध विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, धर्मार्थ कार्य, वक्फ एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि विश्व गुरू बनने की दिशा में भारत तेजी से कदम बढा रहा है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर ध्वजारोहण करने के बाद अपने संबोधन में श्री चौधरी ने शनिवार को कहा कि वे विश्वास से कह सकते हैं कि भारत आनेवाले समय में विश्व गुरू जरूर बनेगा क्योंकि आज भारतीय प्राचीन संस्कृति की पुनः बहाली का समय आ गया है। आक्रान्ताओं ने इस संस्कृति को कुचलने की 650 वर्ष तक कोशिश की थी। जिस गो माता को भारतवासी पूजा करते हैं उसकी रक्षा करने का आज वातावरण बना है। आज आयेध्या के दीपदान, प्रयागराज के कुुभ और बरसाना के रंगोत्सव के कारण भारतवर्ष का सिर ऊंचा हुआ है।

उन्होने कहा कि प्रकृति का नियम है कि अच्छाई और बुराई साथ साथ चलती है।ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का फर्ज है कि बुराई को न पनपने दें और यदि कोई हिंदुस्तान विरोधी नारे लगाता है, आतंकवाद फैलाता है तो अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके नापाक इरादों को कुचलने में सहयोग करने से होगी।

चौधरी ने कहा आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने इतनी तरक्की की है कि विदेशों में यहां के व्यापारियों को बड़े सम्मान से देखा जाने लगा है और भारत दुनिया की पांचवीं शक्ति के रूप में उभरा है। जिन्हे दुनिया का आर्थिक भगवान कहा जाता है उन्होंने भी कहा है कि यदि भारत की विकास की यही गति रही तो अगले दस साल में भारत दुनिया का सबसे विकसित देश होगा।

मंत्री ने कहा कि कि ऐसे में प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य हो जाता है कि देश प्रदेश के विकास को और गति देने के लिए प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करें और वास्तव में यही अमर शहीदों को भी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने गणतंत्र दिवस को महापर्व बताया और कहा कि अनेकता में एकता के देश भारत की यही विशेषता है कि सभी जाति, धर्म के लोग इसे महापर्व के रूप में मनाते हैं।दुनिया का कोई देश नही है जिसमें आजादी को वापस लाने के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी दी गई हो।

डेयरी मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि किसी देश के विकास में उस देश की नारी का योगदान जब तक 50 फीसदी नही होता तब तक वह देश विकसित नही हो सकता।बहुत साल पहले देश में पुत्री जन्म को अभिशाप माना जाता था लेकिन प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने एक नया जज्बा पैदा किया जिसके कारण आज बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं कामनवेल्थ खेल में आगे आ रही हैं।विकलांग होने के बावजूद एक बहन दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर जाकर तिरंगा फहराती है और मुख्यमंत्री उसे इस साहसिक कार्य के लिए जब 11 लाख का पुरूस्कार देते है तो लगता है कि आज भी देश में बहने रानी लक्ष्मीबाई के रूप में मौजूद हैं।

उन्होंने मथुरा की पुलिस परेड को आकर्षक बताते हुये कहा कि 13 बार गणतंत्र दिवस पर विभिन्न जिलों में वे सलामी ले चुके हैं लेकिन जैसी परेड उन्हें आज देखने को मिली ऐसी इससे पूर्व देखने को नही मिली। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी ओर से एक लाख एक रूपए देने की भी घोषणा की।

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