जल्द ही होगा इलाहाबाद का नया नाम प्रयागराज: योगी

जल्द ही होगा इलाहाबाद का नया नाम प्रयागराज: योगी

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आखिरकार शनिवार को हरी झंडी दे दी।

श्री योगी शनिवार को सर्किट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि इलाहाबाद का नाम शीघ्र ही प्रयागराज घोषित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीनतम तीर्थों में प्रयाग का नाम सर्वोपरि होता है। प्राचीन ग्रन्थों में इस धार्मिक शहर के महत्व की महिमा का वृहद वर्णन किया गया है। साधू संतों ने इसे तीर्थों के राजा तीर्थ राज की संज्ञा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसा तीर्थ स्थल है जहां भगवान ब्रह्मा ने बहुत बड़ा यज्ञ किया था। प्रयाग की धरती पर कुंभ 2०19 को पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ संकल्प कराने के लिए केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। पिछले सभी कुंभ की तुलना में इस बार का अतुलनीय कुंभ होगा। सरकार इसकी सफलता के लिए बिना कटौती धन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मेले में बिना आमंत्रण के ही करोडों लोगों का आगमन होता है। यह मेला अस्पृश्यता और जात-पात से ऊपर उठकर है। यहां हर प्रांत से श्रद्धालु आते हैं जिन्हें एक दूसरे की भाषा भी समझ में नहीं आती लेकिन उनका मकसद एक होता है तीर्थराज प्रयाग में गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त करना। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ 2०19 प्रयाग की धरती पर दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और अछ्वुत आयोजन साबित होगा। कुंभ भव्य और दिव्य आयोजन होगा जिसमें देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के आतिथ्य के लिए न केवल प्रयाग के नागरिक बल्कि अखाडों के संत, महात्मा और प्रशासन के लोग भी पूरे मनोयोग से तैयार रहें। इस आयोजन के माध्यम से हमें पूरे भारत की छवि को दुनिया के सामने निखारने का एक सुअवसर और सौभाग्य प्राप्त होगा। इस आयोजन के द्वारा हमें पूरे भारत को एक स्वच्छ तथा सुसंस्कृत देश के रूप में पूरी दुनिया को दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुंभ की ब्रांडिग की जा रही है। जो लोग कुंभ न भी पहुंचें, उन तक ब्राडिंग के जरिए कुंभ का'असर पहुंच सके। पहली बार 192 देशों के राजदूतों को बुलावे के साथ ही 24-25 जनवरी को दुनिया भर में फैले प्रमुख एनआरआई चेहरों की जुटान बनारस में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए कराई जाएगी। प्रवासी भारतीयों को स्पेशल ट्रेन से ले जाकर कुंभ का दर्शन कराया जाएगा। श्री योगी ने कहा कि मेले में करीब 12 से 15 करोड श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसलिए मेले का क्षेत्रफल 17०० हेक्टेअर से बढ़ाकर 37०० हेक्टेअर किया गया है। मेले में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध होगी। विदेशी श्रद्धालुओं के लिए विदेशी मुद्रा के लेन-देन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान गंगा और यमुना में श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए पूरी तरह शुद्ध जल मिलेगा। इसकी अविरलता और निर्मलता बनी रहे इसके लिए सरकार सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पहली बार इस कुंभ में छह लाख गांवों के लोगों के लोगों की 48 दिनों तक उपस्थिति होगी। श्री योगी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने भारत के कुंभ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है। इस धरोहर को हमें बरकरार रखने के लिए सभी का सहयोग उपयोगी है जिससे यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु लम्बे समय तक इस दिव्य और अछ्वुत कुंभ की यादगार अपने जेहन में लंबे समय तक जिंदा रखे। कुंभ मेले के दौरान रेल प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सरचार्ज को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में श्री योगी ने कहा कि यह भ्रामक प्रचार है। रेल से सफर करने वाले श्रद्धालुओं पर कोई अतिरिक्त सरचार्ज नहीं बढाया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस विशिष्ट कुंभ की दिव्य छटा से कुढ़ रहे हैं वहीं लोग इस प्रकार का भ्रामक प्रचार फैला रहे हैं1 उन्होंने कहा कि शहर में कुंभ को लेकर जो कार्य हो रहे हैं वह मेले से पहले पूरे कर लिये जायेंगे। श्री योगी उप राष्ट्रपति एएम वेंकैया नायडू के एक दिवसीय कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) के 2०वेें वर्ष के प्रवेश के अवसर पर बियोन्ड ट्वटीं बॉय 2०2० कार्यक्रम में शिरकत किये थे। देर शाम कुंभ मेले को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक की।

Share it
Top