जाने-माने ज्योतिषाचार्य ने किया दावा.....नरेन्द्र मोदी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री

जाने-माने ज्योतिषाचार्य ने किया दावा.....नरेन्द्र मोदी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री

गोरखपुर। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के जरिये केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी के सफाये के लिये महागठबंधन की तैयारी में जुटे विपक्षी दलों को देश के जानेमाने एक ज्योतिष की भविष्यवाणी से मायूसी हो सकती है।

ज्योतिषाचार्य रविशंकर पान्डेय ने दावा किया है कि भाजपा 2०19 के चुनाव में ना सिर्फ एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में होगी, बल्कि नरेन्द्र मोदी एक बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। अक्षय ज्योतिष संस्थान द्वारा प्रकाशित अक्षय पंचाग के सम्पादक ज्योतिषाचार्य श्री पान्डेय ने शुक्रवार को गोरखपुर में कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ग्रह नक्षत्र बन रहे हैं, वह इस बात की ओर इंगित कर रहे हैं कि विपक्षियों के भारी विरोध के बावजूद पुन: प्रधानमंत्री के पद पर श्री मोदी ही विराजमान होंगे। श्री पान्डेय ने कहा कि देश की राजनीति श्री मोदी के ग्रहों के अनुकूल है और राहू का इस निमित्त विशेष योगदान है, जो नरेन्द्र मोदी को सत्ता के उच्च पद पर पहुंचायेगा। यही नहीं शनि में शुक्र का भी योग है। श्री मोदी के कुन्डली में राहू पंचम स्थान में हैं, जो इनकी इस प्रगति में विशेष सहायक है और यही मुख्य कारण है कि श्री मोदी वर्ष 2०19 के लोकसभा के चुनाव में भी दुबारा प्रधानमंत्री बनेंगे। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि आगामी 25 फरवरी से 25 सितम्बर 2०19 तक केतू की अन्तरदशा होगी, जो श्री मोदी को प्रधानमंत्री के पद पर विराजमान कराने में सहायक होगी। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की दशायें कुछ ऐसी बनेगी जहां आगामी जनवरी और फरवरी के मध्य प्रधानमंत्री श्री मोदी कुछ ऐसी देशहित की घोषणा करेंगे, जिससे मोदी की आंधी चल पडेगी और उन्हें प्रधानमंत्री के पद पर बैठाने में सहायक सिद्ध होगी। श्री पान्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कुन्डली का ग्रह योग कुछ इस प्रकार उभर कर सामने आयेगा कि भारत वैश्विक स्तर पर अपना परचम लहरायेगा और सम्मान प्राप्त करेगा। साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थायी सदस्यता की दावेदारी में सकारात्मक परिणाम भी दिखायी दे सकता है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के दावेदार राहुल गांधी के ग्रह नक्षत्र कुछ इस प्रकार के हैं कि वे भी प्रधानमंत्री के दौड़ में रहेंगे तो जरूर, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगेगी। 2०19 लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी का विवाह हो जाये तो जो योग उनकी कुन्डली में बन रहा है वह इस बात की पुष्टि करता है कि वे वर्ष 2०19 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की कुर्सी पा सकते हैं, लेकिन उनकी कुन्डली में वर्ष 2०19 तक विवाह का योग नहीं बन रहा है। ज्योतिषाचार्य ने अपने अध्ययन के आधार पर बताया कि वर्ष 2०24 के चुनाव में राहुल गांधी का सितारा चमक सकता है और वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो सकते हैं लेकिन यह वैवाहिक बंधन में बंधने के बाद ही सम्भव है। श्री पान्डेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने मे सफल होंगे और वर्ष 2०19 के लोकसभा चुनाव में उनकी भूमिका अत्यंत प्रभावशाली होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्सक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी की कुन्डली के ग्रह नक्षत्र अत्यंत बलवती प्रतीत हो रहे हैं, जिससे कुछ बडे राजनीतिक परिणाम भी सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी ने कमान संभाली तो ग्रहों के ऐसे संयोग बन सकते हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बडी टक्कर का सामना करना पड सकता है। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना दोनो एकजुट रहेंगे भले ही राजनीतिक वैचारिकी में मतभेद दिखे। एक प्रश्न के उत्तर में ज्योतिषाचार्य ने कहा कि ज्योतिष एक विज्ञान है और विज्ञान किसी परिकल्पना पर नहीं चलाया जा सकता है, इसलिए ज्योतिष की गणना वैज्ञानिक है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सूर्य राजा और मंत्री शनि हैं तथा सस्येश मंगल, धान्येश सूर्य, दर्गेश शुक्र, मेघेश शुूक्र, रशेश गुरू, नीरसेश चन्द्रद्व फलेश शुक्र, धनेश चन्द्र यह दशाधिकारी भूमन्डल पर शासन करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व में राष्ट्र की प्रतिष्ठा में तीव्र वृद्धि होगी, परन्तु कुछ पडोसी राष्ट्रों में तनावपूर्ण स्थति के कारण असहज परिस्थितियां बनेगी, जिस पर राष्ट्र सम्मानपूर्वक ब-सजयत प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र में विदेशी निवेश व पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, नये कारखानों की स्थापना होगी तथा वर्षा का उत्तम योग है, जिससे कृषि में अच्छे उत्पादन से राष्ट्र को काफी मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में वर्षा की अधिकता से जन-धन की हानि की संभावना है जबकि अन्य स्थानों पर कहीं-कहीं बाढ तो कहीं सूखे की स्थिति भी बन सकती है।

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