बरेली में जानलेवा बुखार का कहर

बरेली में जानलेवा बुखार का कहर

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में तेजी से पांव पसार रही जानलेवा बीमारी फैंल्सीफेरम मलेरिया के 689 मरीजों की पहचान की गई है, जिनमें से 21 मरीजों की अब तक मृत्यु हो चुकी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बरेली आई टीम के प्रभारी डॉक्टर विकास इंदू ने शनिवार को बताया कि बरेली और बदायूं में फैला बुखार साधारण नहीं, बल्कि फैंल्सीफेरम मलेरिया से पीडि़त है। आंवला के मजगामा गांव में 2०० लोगों के फैंसी नियम मलेरिया की पुष्टि हुई है, इसके अलावा फरीदपुर में दो और आंवला में रामनगर ब्लाक के 42 लोगों के खून की जांच में इस घातक मलेरिया की चपेट में है, बरेली जिले में फैंल्सीफेरम मलेरिया से दो सप्ताह में 21 लोग दम तोड चुके है। देश में बीते 2० साल में इतने अधिक खतरनाक मलेरिया के मामले नहीं पाए गए हैं। डॉक्टर इंदू ने बताया कि फैंल्सीफेरम मलेरिया बहुत तेजी से फैलता है, इसके लिए लेकर काफी सावधानी की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब तक 951 मरीजों में सामान्य मलेरिया और 649 मरीजों में फैंल्सीफेरम मलेरिया के लक्षण पाए गए. जिला अस्पताल में भर्ती 13 मरीजों की खून की जांच में भी फैंल्सीफेरम मलेरिया पाया गया। चिकित्सक ने बताया कि अब तक 951 मरीजों में सामान्य मलेरिया और 649 मरीजों में फैंल्सीफेरम मलेरिया के लक्षण पाए गए। आंवला मझगवां और भमौरा के इलाकों में जानलेवा बीमारी फैलने से स्थिति भयावह हो चुकी है। (शेष पृष्ठ 2 पर)

इस पर काबू पाने में वक्त लगेगा। इसके लिए सात राज्य स्तरीय और पांच जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के अलावा 95 स्वास्थ्य टीमों को को घर घर भेजा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि बरेली में फैंल्सीफेरम मलेरिया से 21 मौतें हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बरेली आने पर बताया था कि बरेली में स्वास्थ्य विभाग में पहले से कोई इंतजाम नहीं किया यदि इंतजाम किया होता तो बरेली में बुखार कि यह भयावह स्थिति ना होती, जबकि बरेली की आंवला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने एक दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की जमकर तारीफ की थी और सब कुछ ठीक-ठाक है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और स्वास्थ स्वास्थ विभाग के अफसरों ने मरने वाले और पीडि़त मरीजों के कम आंकड़े बता कर उन को गुमराह किया है। वह इस मामले की शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे। स्टेट सर्विलांस अफसर डॉ. विकास विनोद अग्रवाल ने बताया कि देश में किसी एक जिले, शहर में फैंल्सीफेरम मलेरिया का सर्वाधिक आंकड़ा हैं। देश में बीते 2० साल में फैंल्सीफेरम मलेरिया के इतने खतरनाक मामले नहीं पाए गए। जांच में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम बैक्टीरिया ही निकला है।

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