उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का बयान... अयोध्या में रामलला का मंदिर बनना चाहिए

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का बयान... अयोध्या में रामलला का मंदिर बनना चाहिए

फैजाबाद। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि अयोध्या में विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का भव्य मंदिर अवश्य बनना चाहिये।

डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 23वां दीक्षान्त समारोह में भाग लेने के बाद श्री नाईक ने पत्रकारों से कहा कि अयोध्या में विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का भव्य मंदिर अवश्य बनना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगडिया के मंदिर निर्माण के लिये लखनऊ से 21 अक्टूबर को अयोध्या मार्च पर उन्होंने कहा कि चूंकि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिये अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिये। अयोध्या के संत-धर्माचार्यों ने भी मंदिर निर्माण में देरी होने पर आत्मदाह की चेतावनी देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका समाधान अदालत के द्वारा शीघ्र हो जायेगा इस पर धैर्य रखना चाहिये। उन्होंने महिलाओं के लिये लोकसभा और विधान मण्डल में आरक्षण पर पुरजोर वकालत की है और कहा कि इन दोनों स्थानों पर आरक्षण होना चाहिये। इसके पहले डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ता चला जा रहा है, जो कि यह शुभ संकेत है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के 28 विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि इन विश्वविद्यालयों में भी महिलाओं की उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नये दो विश्वविद्यालय बने हैं। श्री नाईक ने कहा कि डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 85 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल हमने दिया है। जिसमें से 31 प्रतिशत पुरुष और 69 प्रतिशत महिलाएं गोल्ड मेडल प्राप्त की हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश की औसत निकालते हुए कहा कि आज के दौर में पुरुषों से महिलायें सबसे आगे हैं, इसलिये अब पुरुषों को सोचना पड़ेगा क्योंकि आने वाले दिनों में पुरुषों को आरक्षण के लिये आगे आना पड़ेगा। समारोह को भारतीय कृषि वैज्ञानिक एवं लेखक सुभाष पालेकर ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कि युग बहुत तेजी से बदल रहा है, इसलिये नौजवानों को अब नौकरी का भरोसा छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में जाकर खेती करने पर विचार करना चाहिये। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि पहले समय में देश में रोजगार बहुत था परन्तु धीरे-धीरे अब घट करके कम हो गया है इसलिये ग्रामीण क्षेत्रों में ही रह कर किसान के रूप में अपने रोजगार को चुनना होगा। भारतीय विश्वविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डॉ. पी.बी. शर्मा ने कहा कि आज हमारा देश उन्नति व समृद्धि के मार्ग पर निरन्तर आगे बढ़ रहा है, जिसकी अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद के दर से विद्यमान है। विश्व में हमें अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और इंग्लैण्ड को छोड़कर विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाती है तब यह हम स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया, स्किलिंग इंडिया, स्टार्टअप एंड स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और विश्वविद्यालय परिषदों को बौद्धिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना जैसे अनेक राष्ट्रीय अभियानों का लाभ अभी तक पूरी प्राप्त नहीं कर सके हैं।

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