उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण फैसले...औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण फैसले...औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों के वेतन में समानता लाने समेत 14 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी। सरकार के प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 14 प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के प्राचार्यों की अर्हताओं में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जबकि बागपत में नया केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए नि:शुल्क जमीन केंद्र सरकार के पक्ष में हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखायी गई। श्री सिंह ने बताया कि वर्षा जल संचयन भू-जल के संबंध में फैसला आया है, जिसमें तालाब की मरम्मत और पेड़ लगाने जैसी योजनाएं बनाई गई है। नए और पुराने राजकीय मेडिकल कॉलेज के स्पेशलिस्ट अगर काम करना चाहे तो उनके कार्यकाल को और बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालयों के स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में प्राचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी गई। उन्होंने बताया कि बागपत के बड़ौत तहसील के ग्राम औरंगाबाद जटौली में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए कुल 2.०24० हेक्टेयर भूमि केंद्र सरकार को निशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगायी गयी। गोरखपुर में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 3321.14 लाख रुपए की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दी गयी।

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में विभागीय कार्यों के लिए अनुबंध पर कंसल्टेंट की सेवाएं प्राप्त करने के लिए इम्पैनल्ड सेवा प्रदायी संस्थाओं की दरों के निर्धारण को मंजूरी मिल गयी है। कंसल्टेंट के लिए पारिश्रमिक, डीए और लॉजिंग की दरें निर्धारित की गई हैं। श्री सिंह ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) के लिए अनुदान और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गयी। भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनव्र्यव्सथापन प्राधिकरण में पीठासीन अधिकारी के रुप में उ.प्र. उच्चतर न्यायिक सेवा के सुपर टाइम स्केल पद के स्थान पर उ.प्र. उच्चतर न्यायिक सेवा के सुपर टाइम स्केल प्राप्त जिला जज पद के पीठासीन अधिकारी के रुप में संशोधन को मंजूरी दी गई। श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में भूगर्भ जल के स्तर में सुधार के लिए वित्तीय वर्ष 2०18-19 में वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन योजना शुरु करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। योजना में लघु सिंचाई विभाग एक से पांच हेक्टेयर के परंपरागत रुप से निर्मित सामुदायिक तालाबों का पुनर्विकास और प्रबंधन करेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सात नए एवं पांच निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठ शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों, मैडिकल संस्थानों और विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्रोफेसर को कंसल्टेंट के रुप में संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की गयी। गोरखपुर, झांसी, मेरठ और इलाहाबाद के सरकारी मैडिकल कॉलेजों में निर्माणाधीन सुपर स्पेशएलिटी ब्लॉक, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय और सुपर स्पेशएलिटी कैंसर संस्थान और लखनऊ के सीजी सिटी में संविदा पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर की नियुक्ति को मंजूरी मिली है। श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश के स्थानीय निकायों और शासन से अनुदानित संस्थाओं को स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग द्वारा संपादित वित्तीय वर्ष 2०15-16 के वार्षिक लेखा परीक्षा प्रतिवेदन को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को स्वीकृति प्रदान की गयी।

Share it
Top