बुलन्दशहर में हत्या के छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास

बुलन्दशहर में हत्या के छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास

बुलन्दशहर। उत्तर प्रदेश में बुलन्दशहर की एक अदालत ने जमीनी रंजिश के चलते दो सगे भाईयों की हत्या करने के आरोप में छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार छतारी इलाके के शेखपुर निवासी तीन सगे भाईयों लखपत, राजवीर और धर्मराज तीनों सगे भाईयों में जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। दस मार्च 2013 को लखपत और राजवीर ङ्क्षसह डिबाई तहसील किसी मुकदमे के सिलसिले में गये थे । दोनों भाई शाम के समय अपने गांव लौट रहे थे । उसी दौरान नारानपुर गांव के पास एक वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी , इतना ही नहीं चालक ने घायल भाईयों को जानबूझकर कुचल दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में ज्वाली सिंह ने धर्मराज समेत सात लोगों को नामजद किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार धर्मराज को यह जानकारी थी कि उसके दोनों भाई किसी मुकदमें के सिलसिले में डिबाई तहसील गये हैं। दोनों को मौत के घाट उतारने के लिए उसने अपने दोस्त विधिपुर अतरौली जिला अलीगढ़ निवासी मनोज, रंजू, तथा बुलंदशहर के अनूपशहर के रूपेल उर्फ रोहित और शेखपुर के श्याम प्रकाश रामू, और भोलू उर्फ नाहर सिंह को साथ लेकर नारानपुर के पास लखपत और राजवीर को एक वाहन से कुचलवा कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए शनीवार शाम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विरेन्द्र कुमार ने साक्ष्यों एवं गवाहों के ब्यान के आधार पर छह अभियुक्तों श्याम प्रकाश, रामू, धर्मराज, भोलू उर्फ नाहर सिंह, मनोज, रंजू, लखपत और राजवीर की हत्या का दोषी करार देते हुए अजीवन करावास की सजा सुना दी। इसके साथ प्रत्येक पर 10-10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया। मुकदमें के दौरान नामक एक अभियुक्त रूपेल उर्फ रोहित की मृत्यु हो गई थी।

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