किसान पराली नहीं जलायें: योगी...कहा- पराली नहीं जलाने से उर्वरता बढ़ेगी, वायु प्रदूषण भी नहीं होगा

किसान पराली नहीं जलायें: योगी...कहा- पराली नहीं जलाने से उर्वरता बढ़ेगी, वायु प्रदूषण भी नहीं होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वह पराली आदि नहीं जलायें, क्योंकि उससे जहां खेत में उर्वरता बढ़ेगी, वहीं वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। श्री योगी ने कहा कि पराली जलाने से जहां एक ओर भूमि की उर्वरता कम होती है, वहीं दूसरी ओर वायु प्रदूषण भी होता है। उन्होंने कहा कि कृषि में निकले वेस्ट को वेल्थ में बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बीज से लेकर बाजार तक पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए आवश्यक है कि किसानों को तकनीक से जोड़ा जाए, जिससे किसान को उत्पादक से उद्यमी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री आज यहां 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल 3.1 (किसान पाठशाला) के पंचम संस्करण का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल 3.1 (किसान पाठशाला) की पुस्तिका का विमोचन तथा 'एप भी लांच किया। उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेन्टर के 5 लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाभियां वितरित की। मुख्यमंत्री जी ने 'आर्गेनिक मैटर मिशन-2025 का भी शुभारम्भ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के माध्यम से किसानों में जागरूकता बढ़ी है, जिसका परिणाम रहा है कि वर्ष 2०18-19 में प्रदेश में 6०4 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। कृषि तकनीकी प्रसार के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभिनव कार्यक्रम 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) की सराहना अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है। रबी 2०17-18 से अब तक 'किसान पाठशाला के चार संस्करण आयोजित किये जा चुके हैं। इस दौरान कुल 6० हजार ग्रामों में पाठशालाओं का आयोजन कर 42 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पाठशाला के पांचवे संस्करण को दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम सत्र 21 से 24 अक्टूबर तक तथा दूसरा सत्र ०4 से ०7 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कुल 15 हजार 366 ग्रामों में पाठशालाओं का आयोजन करके 1० लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2०22 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, विभिन्न खाद्यान्नों के समर्थन मूल्य में वृद्धि, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान आदि के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही, केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) जैसी महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से सभी किसानों को सीधे ०6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रतिवर्ष उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 1.62 करोड़ किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। श्री योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा 6०,००० करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को कार्ययोजना बनाकर पूरा किया जा रहा है। बाण सागर परियोजना के माध्यम से प्रदेश में ०1 लाख 7० हजार हेक्टेयर सिंचन क्षेत्र में वृद्धि हुई है, जिससे डेढ़ लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए सिंचाई की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। इसलिए किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर इरिगेशन के लाभ के विषय में जानकारी दी जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा भी इस पर 8० से 9० प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मांग के अनुरूप उत्पादन की आवश्यकता है। इससे किसानों को अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा। इसके लिए कृषि में विविधीकरण की आवश्यकता है। किसानों को पारम्परिक फसलों के अलावा सब्जी, बागवानी, मछली पालन, दुग्ध उत्पादन आदि में भी आगे बढऩे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसान पाठशाला के माध्यम से यदि प्रत्येक गांव के एक किसान को भी उन्नत खेती से जोड़ा जा सके तो इसके लाभकारी प्रभावों से कालान्तर में पूरे गांव के किसान इससे जुड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ना किसानों का 76,००० करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करके ही उनकी आय को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि में निकले वेस्ट को वेल्थ में बदलने की आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत गोरखपुर व सीतापुर में बायोफ्यूल की दो यूनिट स्थापित किये जाने की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों को आर्गेनिक खेती के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कृषि विभाग प्रारम्भिक स्तर पर विकास खण्डों में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने का कार्य करे। इस मौके कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने में 'द् मिलियन फार्मर्स स्कूल एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को उपज का सही मूल्य दिया जा रहा है। प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि 'द् मिलियन फार्मर्स स्कूल कार्यक्रम एक मॉडल के रूप में देश और विदेश में पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने कृषि निर्यात नीति बनायी है। पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कार्यक्रम में आये हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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