उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना प्रदूषित लेकिन चंबल का पानी है साफ

उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना प्रदूषित लेकिन चंबल का पानी है साफ

इटावा। गंगा और यमुना जैसी नदियों में प्रदूषण की चर्चा आये दिन होती है। वहीं उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बीहड़ों से होकर बहने वाली चंबल नदी का पानी बहुत स्वच्छ है। चंबल नदी के किनारे बसे गांवों के लोग सदियों से इसी पानी को पीते हैं। लोगों का कहना है कि चंबल का पानी पीने से वे कभी बीमार नहीं पड़े।कालेश्वर महापंचायत के अध्यक्ष बापू सहेल सिंह परिहार ने यूनीवार्ता से कहा कि इस नदी के साफ पानी की देशभर में मिसाल दी जाती है। वहीं पर्यावरण बचाने का काम करने वाली संस्था सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के सचिव संजीव चौहान का कहना है कि इस क्षेत्र के लोगों को साफ पेयजल देने वाली यही एकमात्र नदी है। चंबल नदी के साफ पानी के बारे में डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीएस अग्निहोत्री का कहना है कि नौकरी के वक्त कई बार उन्होंने नाव से चंबल पार किया। उन्होंने देखा कि उसका पानी इतना साफ है कि नदी की तलहटी तक दिखाई देती है। डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि आज तक उनके पास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं आया जो चंबल का पानी पीकर बीमार हुआ हो। नदी का पानी साफ होने की वजह उन्होंने यह बतायी कि बीहड़ से होकर गुजरने के कारण इसे प्रदूषण का सामना नहीं करना पड़ता है।

Share it
Top